छत्तीसगढ़ के किसानों से सरकार ने धान 3100 रुपए में खरीदने का वादा किया था। मगर धान खरीदी 2203 रुपए के समर्थन मूल्य पर की गई है। अब अंतर की राशि देने के लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किया गया है। विधानसभा में पेश 13487 करोड़ 4 लाख 91 हजार 207 करोड़ के अनुपूरक बजट में कृषि उन्नत योजना के लिए 12 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।
हालांकि अंतर की राशि से जुड़े सवाल को मुस्कुराकर ओपी टाल गए। उन्होंने कहा कि हर वर्ग की जरूरत को समझते हुए बजट में उचित प्रावधान किए जा रहे हैं। मुख्य बजट 9 फरवरी को पेश किया जाएगा।सोमवार को विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पेश किया था।
अनुपूरक बजट में राम से लेकर टाइगर तक
- इस बजट में श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अयोध्या यात्रा को लेकर 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- धान उत्पादक किसानों के लिए अनुपूरक बजट में 1200 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
- छत्तीसगढ़ में टाइगर प्रोजेक्ट को लेकर 3 करोड़ 4 लाख रुपए।
- खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 350 करोड़।
- कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मानदेय 70 करोड़।
- यूनिटी माल के लिए 19 करोड़ का प्रावधान।
- सरकार की योजनाओं के प्रचार प्रसार को लेकर 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार सबसे बड़ी धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर अब तक की सबसे बड़ी धान की खरीदी हुई है। एक नवंबर से 4 फरवरी तक चले इस अभियान में 24 लाख 72 हजार से अधिक किसानों से 144.92 लाख टन धान की खरीदी की गई है। इस वर्ष 130 लाख टन धान खरीदी का अनुमान लगाया गया था। इस साल की धान खरीदी की तुलना करने पर यह पिछली धान खरीदी से 37.39 लाख टन अधिक है।
पिछले साल 107.53 लाख टन धान की खरीदी हुई थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की गई। वर्तमान में किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है। जल्द ही अंतर की राशि का भुगतान किसानों को किया जाएगा।
धान खरीदी सीजन में 24 लाख 72 हजार से अधिक किसानों से 144.92 लाख टन धान की खरीदी की गई है। इसके एवज में किसानों को 30 हजार 68 करोड़ 81 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।
अंग्रेजी में अभिभाषण पर भूपेश ने राज्यपाल को टोका:कहा-समझ नहीं आ रहा; छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के अभिभाषण के साथ बजट सत्र का आगाज हो गया है। अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही पहले 5 मिनट, बाद में मंगलवार सुबह 11 बजे तक केू लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले राज्यपाल ने शीत सत्र की तरह जब अंग्रेजी में भाषण पढ़ना शुरू किया तो पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस बार भी उन्हें बीच में 2 बार टोका।

