Wednesday, March 4, 2026
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शराब में मिलावट का कोई प्रकरण नहीं हुआ दर्ज

रायपुर। शराब में मिलावट के मामले में अभी तक कोई भी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। उक्त जानकारी विधानसभा में आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने विधायक ममता चंद्राकर के द्वारा पूछे गए सवाल कि जवाब में दिए।
ममता चंद्राकर ने सदन में मंत्री से जानना चाहा कि कबीरधाम में वर्ष 2021 से 15 फरवरी, 2023 तक शराब की तस्करी व मिलावट के कितने मामले दर्ज हुए हैं ? उक्त मामलों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? लखमा ने बताया कि जिला कबीरधाम में वर्ष 2021 से 15 फरवरी, 2023 तक आबकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा शराब की तस्करी के दर्ज प्ररकण एवं उस पर की गई कार्यवाही की वर्षवार जानकारी संलग्न प्रपत्र अनुसार है। शराब में मिलावट के कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुए हैं। ममता ने सवाल किया कि क्या कुछ स्थानों में महंगे शराब के बोतलों में सस्ती शराब भरकर बेचने की शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो किन-किन स्थानों पर एवं विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है? आबकारी मंत्री ने बताया कि यमहंगे शराब के बोतलों में सस्ती शराब भरकर बेचने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 0.5 प्रतिशत

00 नवीन रोजगार चाहने वाले 1878126 व्यक्ति है पंजीकृत
रायपरु। 31 जनवरी 2023 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 0.5 प्रतिशत है और 7 फरवरी 2023 की स्थिति में नवीन रोजगार चाहने वाले 1878126 व्यक्ति पंजीकृत है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पृथक से बेरोजगारी दर निर्धारित नहीं की जाती है, परन्तु सीएमआईई संस्था द्वारा बेरोजगारी दर की आंकड़े प्रसारित किये जाते हैं।प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मंत्री व विधायक अजय चन्द्राकर ने प्रदेश में रोजगार व पंजीकृत बेरोजगार (कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार) का मामला विधानसभा में उठाया। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने बताया कि प्रदेश के रोजगार पंजीयन कार्यालयों में 7 फरवरी 2023 की स्थिति में नवीन रोजगार चाहने वाले 1878126 व्यक्ति पंजीकृत है, प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में रोजगार बदलने वालों का पृथक से पंजीयन नहीं किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पृथक से बेरोजगारी दर निर्धारित नहीं की जाती है, परन्तु सीएमआईई संस्था द्वारा बेरोजगारी दर की आंकड़े प्रसारित किये जाते हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रोजगार हेतु पृथक से कोई आयाम तय नहीं किये गये है तथापि शासकीय क्षेत्र में रोजगार, अशासकीय क्षेत्र में रोजगार अथवा स्वरोजगार के रूप में रोजगार कतिपय आयाम हो सकते है। प्रदेश के जिलों के जिला प्रशासन द्वारा रोजगार मिशन पोर्टल में शासन द्वारा प्रदत्त रोजगार को दर्ज किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 33333 व्यक्तियों को शासकीय संस्थाओं में रोजगार, 50725 व्यक्तियों को अशासकीय संस्थाओं में रोजगार एवं 509559 व्यक्तियों को स्वरोजगार प्रदान किया गया है।
श्री पटेल ने सदन को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सीएमआईई (सेन्टर फॉर मॉनिटरिंग इंडिया इकानोमिक) के आंकड़ों को मान्यता नहीं दी गई है, परन्तु आर्थिक विश्लेषण एवं सर्वेक्षण के क्षेत्र में प्रतिष्ठित संस्था होने के कारण इस संस्था की जानकारी को सामान्य रूप मान्य किया जाता है। संस्था द्वारा दी गई बेरोजगारी के परिभाषा एवं मूल्यांकन का आधार उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसका प्रिंटआउट संलग्न प्रपत्र-ब अनुसार है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा राशि व्यय नहीं की गई है। 31.01.2023 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 0.5 प्रतिशत है। सीएमआईई द्वारा सेंपल सर्वे के आधार पर केवल बेरोजगारी का अनुमानित प्रतिशत बताया जाता है। सेंपल सर्वे के आधार पर बेरोजगारों की संख्या बताना संभव नही है ।

थाने के सामने ही वसूली,9 लाइन अटैच

महासमुंद। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने पटेवा थाने के सामने अवैध वसूली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। थाना के सामने सरेआम वसूली कर रहे दो प्रधान आरक्षक और सात आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
नेशनल हाईवे 53 पर स्थित पटेवा थाना के सामने रोज सुबह पांच बजे से नौ बजे तक वाहनों के जांच के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही थी। पुलिस के जवान रोज सुबह उठकर उगाही करते थे, बाद में स्नान करने अपने क्वार्टर में जाते थे। जन शिकायत पर एसपी ने बुधवार को संज्ञान लिया। वे सुबह गढफ़ुलझर (बसना) जाने निकले। तब एसपी धर्मेंद्र सिंह ने यह नजारा स्वयं भी देखा।

उन्होंने थाने से थोड़ी दूर आगे जाकर अपनी वाहन को रुकवाया। वहां से पैदल फिल्मी स्टाइल में थाने के सामने पहुंचे। पैदल चलते हुए अपनी आंखों से अवैध वसूली का नजारा देखा तो कप्तान धर्मेंद्र सिंह आग बबूला हो गए। तत्काल कार्रवाई करते हुए नौ लोगों को लाइन अटैच कर दिया। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं आमजनों में इस कार्रवाई की जमकर सराहना हो रही है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही एसपी ने अधिकारियों और थानेदारों की बैठक लेकर सख्त हिदायत दी थी कि अच्छे काम करने पर सम्मान और गलत काम करने पर सजा मिलेगी। बावजूद, पटेवा थाने का पूरा स्टाफ वसूली अभियान में जुटा हुआ था। यह देखकर एसपी जमकर नाराज हुए। उन्होंने थाना प्रभारी गोपाल ध्रुवे को मौके पर बुलाकर नागरिकों के बीच ही जमकर फटकार लगाई। कहा- यह सब क्या चल रहा है, वाहनों की नियमित जांच के नाम पर वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही है। क्यों लोगों को परेशान कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एसपी गढफ़ुलझर ईंट भ_े में हुए दुर्घटना का जायजा लेने जा रहे थे। उसी समय यह लोग थाना के सामने गाड़ी रोक कर खुलेआम पैसा ले रहे थे। तब टीआइ को एसपी बुलाए और फटकार लगाई। टीआइ ने कहा कि मुझे कुछ भी जानकारी नहीं है। (साभार-नई दुनिया

रजिस्ट्री कार्यालय मार्च भर शाम 6.30 बजे तक खुले रहेंगे

रोज 50 रजिस्ट्रियां अधिक होंगी
रायपुर। मार्च क्लोजिंग के साथ रजिस्ट्री का दबाव बढ़ गया है जिसे देखते हुए अब रजिस्ट्री कार्यालय ने व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। जानकारी के अनुसार कार्यालय को अब शाम साढ़े 6.30 बजे तक खोला जाएगा, क्योंकि मार्च के अंत में रजिस्ट्रियों संख्या एकाएक बढ़ जाती है। यह नई व्यवस्था 20 मार्च से लागू की जाएगी, जो वित्तीय वर्ष खत्म होते तक यानी मार्च अंत तक चलेगी। इस हिसाब से अब रजिस्ट्री कार्यालय में रोज 50 रजिस्ट्रियां अधिक होंगी। सभी उप पंजीयक 10-10 अधिक रजिस्ट्री करेंगे।
रजिस्ट्री कार्यालय में सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इससे पहले यहां रोज 400 रजिस्ट्रियां होती थीं, जबकि अब 450 रजिस्ट्री की जाएंगी। इसके लिए आनलाइन अपाइंटमेंट के स्लाट में भी विस्तार किया गया है। अब तक एक उप पंजीयक के पास 70 अप्वाइमेंट रहते थे, अब 80 कर दिया गया है।

इससे पहले तक हर आधे घंटे में 6 अपाइंटमेंट लिए जाते थे। अब दस्तावेजों की संख्या अधिक होने के कारण प्रत्येक आधे घंटे में पंजीयन कार्यालय में दस्तावेज पंजीयन के लिए आठ अपाइंटमेंट लिए जाने के लिए साफ्टवेयर को अपडेट किया गया। इसके लिए रजिस्ट्री विभाग ने अपने समय में परिवर्तन किया है।

विधानसभा में आज कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य विद्युत विनियामक आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन पटल पर रखेंगे। इसके बाद मंत्री रविंद्र चौबे छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन पेश करेंगे। चौबे इसके अलावा रोजगार गारंटी की योजना और अमरजीत भगत स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखेंगे।
इसके अलावा भूपेश बघेल के विभागों पर वित्तीय वर्ष 2023 के लिए अनुदान मांगों पर चर्चा भी की जाएगी। जिसमें सामान्य प्रशासन, वित्त विभाग, ऊर्जा खनिज, जनसंपर्क, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, विमानन विभाग शामिल है। मंत्री रविंद्र चौबे के विभाग विधान मंडल, कृषि, पशु पालन, मछली पालन, जल संसाधन, लघु सिंचाई पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी मांगे भी रखी जाएंगी।

बलौदाबाजार के अंबेडकर चौक पर स्थित विकास किराना. जनरल एवं कैलाश ट्रेडर्स में लगी भीषण आग,लाखों का सामान जलकर हुआ राख;

बलोदा बाजार.. अंबेडकर चौक स्थित विकास किराना एवं कैलाश ट्रेडर्स तीन मंजिला दुकान के दूसरे मंजिल में अचानक आग लग गई..।आग में 60 लाख रुपए से भी अधिक का माचिस. सिगरेट और अन्य खाने  के महंगे सामान जलकर राख हो गया.. आग कैसे लगी इसका कारण अज्ञात है,, आग इतनी भयावह थी कि आग को बुझाने के लिए 3 घंटे से भी अधिक समय तक मशक्कत करनी पड़ी..| आसपास के कारखानों के दमकल आग बुझाने के लिए पहुंचे थे बावजूद आग को काबू करने के लिए शटर और दीवालों को भी तोड़ा गया तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका..|

दुकान संचालक के भाई श्याम पंजवानी रोज की तरह दुकान खोलने सुबह लगभग 9 बजे पहुंचा था देखा कि दूसरे मंजिल से धुआ निकल रहा था देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ लग गई लोग आग बुझाने के लिए घरों से पानी लेकर पहुंच गए लेकिन आग इतनी तेज थी कि बिना दमकल के आग को बुझा पाना मुश्किल था.. जानकारी के बाद मौके पर दमकल पहुंच गए उसके बाद लगातार 3 से 4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका..। आग कैसे लगी इसका कारण अज्ञात है.. प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है… संचालक अशोक पंजवानी ने बताया कि आग में 60 से 80 लाख रुपए का सामान जलकर राख हो गया है..|

सरकार नहीं बनी, तो..कोई बाल कटवा लेगा तो कोई मूंछ

रायपुर। भाजपा के आंदोलन के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष नंद कुमार साय ने ऐलान किया कि यदि भाजपा की सरकार नहीं बनी, तो वो बाल कटवा लेंगे। इसके जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कह दिया कि यदि कांग्रेस की सरकार नहीं बनी, तो वो मूंछ मुड़वा लेंगे। साय ने प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का ऐलान किया, और कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो वो अपना बाल कटवा लेंगे। इसके प्रतिउत्तर में इसका खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि बाल कटवाने से सरकारें नहीं बनती।

भाजपा सीधा जवाब दे कि सर्वे का समर्थन करती है या नहीं-भूपेश बघेल

रायपुर। भाजपा के आंदोलन पर सीएम भूपेश बघेल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सीधा जवाब दे कि सर्वे का समर्थन करती है या नहीं? सीएम ने आगे कहा कि भ्रम पर भरोसे की जीत ही जनता की जीत है। जनता का यह भरोसा कांड वालों पर नहीं काम वालों पर है। भाजपा सीधा जवाब दे कि सर्वे का समर्थन करती है या नहीं?
उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब प्राकृतिक पेंट और बिजली उत्पादन से भी अतिरिक्त राशि प्रदान की जा रही है। भाजपा के पास अब कोई मुद्दा बचा नहीं है। सीएम ने आगे कहा कि प्रदेश के हर वर्ग को अपनी सरकार पर भरोसा है। भाजपा वाले जो मिस कॉल – मिस कॉल कहते हैं, उसका डाटा क्यों नहीं देते?

भाजपा का हल्ला बोल.. मोर आवास मोर अधिकार आंदोलन में हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन

 

बेरीकेड्स तोड़े जाने पर पुलिस के साथ झूमाझटकी, वॉटर कैनन का भी प्रयोग
सरकार को चेतावनी 16 लाख आवास देना पड़ेगा, वरना कुर्सी छीन लेगी जनता

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास नहीं मिलने के विरोध में -मोर आवास मोर अधिकार- आंदोलन के तहत हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जमकर प्रदर्शन किया,सुबह से ही वे विधानसभा के नजदीक गांव पिरदा व कचना के आसपास जुट गए थे। प्रदेश के तकरीबन सभी जिलों से कार्यकर्ता एकत्र हुए। जगह-जगह बेरीकेड्स लगाए जाने के बाद भी कार्यकर्ता वहां पहुंचने में सफल रहे। घेराव करने के लिए निकले युवा मोर्चा के सदस्यों ने दो बेरीकेड्स को तोड़ कर आगे बढऩे की कोशिश की तो पुलिस के साथ उनकी झूमाझटकी भी हुई। तीसरे बेरीकेड्स को हटा पाते कि पुलिस ने अश्रु गैस के गोले छोड़े, और वॉटर कैनन का भी प्रयोग किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को चोट भी आई। इससे पहले हुई सभा को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। वंचित हितग्राहियों के पैर पखारकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने मंच पर बिठाया। इस दौरान भाजपा के तमाम विधायक, प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी, और मोर्चा संगठनों के लोग मौजूद थे।

सभा में प्रभारी ओम माथुर ने कहा कि इस बार यहां सरकार बदलनी है। नवंबर तक ये आंदोलन हमको करना है। सड़क पर भी ऐसी ही भीड़ दिखनी चाहिए। झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि आज के घेराव से स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश की जनता बदलाव के मूड में है। आजादी के इतने सालों के बाद भी यहां गरीबों को आवास की सुविधा नहीं मिली है। 7.5 लाख बेघरों का घर बनाने का काम रमन सिंह ने किया था। आज यह जनता सरकार से पूछ रही है कि आपने कितने लोगों को आवास दिया। । कांग्रेस सरकार में गरीबों की योजना लागू नहीं की जा रही है। यहां सरकार के संरक्षण में शराब सिंडिकेट चल रहा। कोल सिंडिकेट चल रहा है। झारखंड में भी यह चल रहा है।
पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि ईडी और आईटी के छापे में इनके अधिकारी जेल जा रहे, राज्य में भ्रष्टाचार फैला है। अपने संबोधन में डॉक्टर रमन ने कहा कि यदि आवास नहीं दोगे तो हम सरकार बदलकर 16 लाख आवास बना देंगे। 4 किलोमीटर तक कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर दी है। हम लोग सरकार को चेतावनी देने के लिए आए हैं। बताने आए हैं कि आवास की जो योजना है। ये आवास गरीब जनता का है। 16 लाख आवास देना पड़ेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भीख नहीं अधिकार चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का जो मुख्यमंत्री बनेगा , वह पहले प्रधानमंत्री आवास के लिए हस्ताक्षर करेगा। फिर मुख्यमंत्री निवास जाएगा। साव ने कहा-कांग्रेस ने कभी गांव गरीबों की चिंता नहीं की। याद कर लो गांव का तरक्की का कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना है। आज किसान के लिए किसान क्रेडिट की शुरुआत हुई है तो उसकी शरुआत भाजपा ने की है। ये सरकार अगले चुनाव में जाने वाली है। सरकार आवास योजना को लेकर झूठ बोल रही है। सरकार चाहती ही नहीं है कि आवास योजना लागू हो। प्रधानमंत्री ने यह सपना देखा है कि हर गरीब को मकान मिलना चाहिए। इन्होंने गरीब हटाओ का नारा देकर देश में 70 साल राज किया

साव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास पर भ्रम फैलाना बंद करिए यह धर्म युद्ध है। भूपेश जी आप जानते हैं कि 2011 की जब सर्वे सूची बनी थी उस समय केंद्र में आपके आकाओं की सरकार थी। आप अपनी यूपीए सरकार के सर्वे पर क्या प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं? नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की गरीब जनता की लड़ाई है, गरीब अपना हक मांग रहे हैं, अधिकार मांग रहे हैं कोई भीख नहीं मांग रहे।

शिक्षाकर्मियों को अनुकंपा नियुक्ति देने का नहीं है कोई प्रावधान – मुख्यमंत्री

रायपुर। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के विधायक आशीष छाबड़ा ने दिवंगत शिक्षाकर्मियों की विधवाओं को अनुकंपा नियुक्ति देने का मामला उठाया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों के आश्रितों को दी जाती है। 2004, 13 और 18 में एग्जाई नियम के तहत शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया गया और उसके बाद यह कैडर समाप्त हो गया। अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान नहीं रहा। 2013-18 तक 152 शिक्षाकर्मी दिवंगत हुए इनमें से 9 ही पात्र पाए गए। चूंकि कैडर ही समाप्त हो गया इसलिए नियुक्ति नहीं दी जा सकती।