Tuesday, March 17, 2026
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कर्क, सिंह और कुंभ राशि वालों को धन लाभ के अच्छे मौके मिलेंगे, पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष
आज का दिन आपके लिए व्यस्तता भरा रहेगा। आप अपने कुछ रुके हुए कामों को पूरा करने की भी पूरी कोशिश करेंगे और बिखरे व्यापार को संभालने में काफी समय लग जाएगा, जिसके कारण आप परिवार के सदस्यों के लिए समय निकालने में नाकामयाब रहेंगे, लेकिन इसके साथ-साथ आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत रहना होगा, क्योंकि आपको अत्यधिक थकान के कारण सिरदर्द, बदनदर्द आदि जैसी समस्या हो सकती है। आपको किसी बेवजह के तनाव को लेने से बचना होगा। आपकी कोई पिछली गलती आज लोगों के सामने आ सकती है।
वृष 
आज का दिन आपके लिए किसी आवश्यक कार्य को करने के लिए रहेगा। आपको कार्यक्षेत्र में अपने जूनियर से काम निकालने के लिए वाणी की मधुरता को बनाए रखना होगा, नहीं तो समस्या हो सकती है। आपने यदि पहले अपने कामों को पूरा करने के लिए कुछ प्रयास किया था, तो वह आज पूरे हो सकते हैं। आप अपने मित्रों के सहयोग से घर परिवार में चल रही किसी समस्या को समाप्त करने में कामयाब रहेंगे, जो लोग रोजगार को लेकर परेशान हैं, तो उन्हें  कोई अच्छा काम मिल सकता है, लेकिन आप  अपने किसी काम के लिए छोटी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं।
मिथुन 
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको  किसी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कठोर मेहनत करनी होगी और विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा में आ रही समस्याओं के लिए अपने गुरुजनों से बातचीत करनी होगी। आपके किसी संपत्ति संबंधित विवाद में आज आपको चुप रहना होगा, क्योंकि वह वरिष्ठ सदस्यों की मदद से सुलझता दिख रहा है। आपको  किसी आस-पड़ोस में होने वाले वाद विवाद में पड़ने से बचना होगा।
कर्क 
आज का दिन आपके लिए अनुकूल परिणाम  लेकर आएगा। आप अपने आत्म विश्वास से आगे बढ़ेंगे और कार्यक्षेत्र में आपको यदि कोई सुझाव देगा, तो  आप उसकी बात का पूरा मान रखेंगे। आपको किसी संपत्ति संबंधित विवाद में जीत मिल सकती है, जो आपके लिए अच्छा रहेगा। आप रुपए पैसे का लेनदेन बहुत ही सावधानी से करें, नहीं तो आपको गलत राह दिखा सकता है।  आपके घर किसी परिजन के आने से माहौल खुशनुमा रहेगा और परिवार के सदस्य उनकी आवभगत  करते नजर आएंगे।
सिंह 
आज का दिन सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए उत्तम रहने वाला है। आपको आर्थिक मामलों में बहुत ही सावधानी बरतनी होगी, नहीं तो समस्या हो सकती है और कोई आपके धन को किसी गलत योजना में भी निवेश करा सकता है, इसलिए  आपको उनसे बचना होगा। आपको स्वास्थ्य में चल रही समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना है, नहीं तो भविष्य में कोई बड़ी बीमारी लेकर आ सकती है। भाई बहनों का  आपको पूरा सहयोग मिलेगा और ननिहाल पक्ष के लोगों से आप मेल मिलाप करने जा सकते हैं।
कन्या 
आज का दिन आपके लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। नौकरी में कार्यरत लोगों को आज किसी से बिना मांगे सलाह लेने से बचना होगा, नहीं तो समस्या हो सकती है। आप नौकरी में प्रमोशन मिलने से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। बिजनेस कर रहे लोगों को  अपने बिजनेस में कुछ नये उपकरणों को अपनाना होगा, तभी वह अच्छा मुनाफा कमाने में कामयाब रहेंगे। परिवार में किसी सदस्य के विवाह प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है, जिससे माहौल भी खुशनुमा रहेगा।
तुला 
आज आप अत्यधिक ऊर्जा से भरपूर रहेंगे, लेकिन आपको अपनी उस ऊर्जा को इधर उधर बैठकर खाली समय व्यतीत करने से अच्छा है कि अपने काम में लगाएं और आप कार्यक्षेत्र में खुद को बेहतर बनाने की पूरी कोशिश करेंगे, लेकिन आपको  कुछ अप्रिय लोगों से  दूरी बनाए रखनी होगी, नहीं तो समस्या हो सकती है। आपके किसी मित्र के अचानक आने से  आपको हैरानी होगी, लेकिन माहौल खुशनुमा रहेगा। यदि किसी संपत्ति का सौदा लंबे समय से चल रहा था, तो आज वह फाइनल हो सकता है और परिवार में किसी छोटी मोटी पार्टी का आय
वृश्चिक 
आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है, लेकिन आपको माता-पिता के सौपे गए कामों को नजरअंदाज करने से बचना होगा और आपको किसी बड़े लाभ के चक्कर में छोटे लाभ के अवसरों को हाथ से जाने नहीं देना है, नहीं तो समस्या हो सकती है। आप अपनी भविष्य की कुछ योजनाओं पर बहुत ही सोच विचारकर धन लगाएंगे, नहीं तो बाद में समस्या हो सकती है। आपको अपने किसी पुराने लेन-देन को  समय रहते निपटाना होगा। आपकी आज अपने किसी मित्र से लंबे समय बाद मुलाकात होगी।

गैतरा मे सात दिवसीय भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ

भगवान ज्ञानी को नहीं बल्कि भक्त को सहजता के साथ दर्शन देते हैं;आचार्य पं.नंदकुमार

तिल्दा नेवरा तिल्दा के ग्राम गैतरा मे आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का गुरुवार को कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। कथा वाचक आचार्य पं.नंदकुमार शर्मा निनवा वाले ने कथा के प्रथम दिन भागवत कथा का शुभारभं.करते कहा  कि कलियुग में केवल भगवान का नाम ही आधार है, जो भवसागर से पार लगाते हैं। इसमें एक गूढ़ रहस्यज्ञान है, जो ब्रह्मा एवं तत्वज्ञान का भाव उजागर करते हैं। परमात्मा को केवल भक्ति और श्रद्धा से पाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में साक्षात भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन होते हैं। यह कथा बड़े भाग्य से सुनने को मिलती है, इसलिए जब भी समय मिले कथा में सुनाए गए प्रसंगों को सुनकर अपने जीवन में आत्मसात करे, इससे मन को शाति भी मिलेगी और जीवन का कल्याण भी होगा|

आचार्य ने कहा कि केवल ज्ञानी होने से भगवान की प्राप्ति नहीं हो सकती। भगवान ज्ञानी को नहीं बल्कि भक्त को सहजता के साथ दर्शन देते हैं। भगवान को पाने के लिए सरल बनना होता है। जो जितना सरल होता है। भगवान की प्राप्ति भी उसे उतनी ही सरलता से हो जाती है। जब तक मनुष्य किसी भी प्रकार के अंहकार से ग्रस्त रहता है, तब तक उसे प्रभु के दर्शन नहीं होते।. निर्मल मन से ही ईश्वर की प्राप्ति सम्भव है. भागवत कथा सुनना और भगवान को अपने मन में बसाने से व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन आता है। भगवान हमेशा आपने भक्त को पाना चाहता है। जितना भक्त भगवान के बिना अधूरा है उतना ही अधूरा भगवान भी भक्त के बिना है। भगवान ज्ञानी को नही अपितु भक्त को दर्शन देते हैं। और सच्चे मन से ही भगवान प्राप्त होता है। अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता और यह भी बताया कि यह धनसंपदा क्षणभंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करों।

उन्होंने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। यदि हम संसार में पूरी तरह मोहग्रस्त और लिप्त रहते हुए सांसारिक जीवन जीते है तो हमारी सारी भक्ति एक दिखावा ही रह जाएगी। आचार्य शर्मा ने कहा कि कलयुग मे भगवान की कथा और भगवान का नाम ही मनुष्य को भवसागर से पार कर सकता है. इसीलिए भगवान की कथा को अपने जीवन मे उतरना और अमल करना अत्यंत आवश्यक है. कथा से ही मनुष्य जीवन मे बदलाव होता है.

उन्होंने कहा मानव जीवन प्राप्त होने के बाद जब कभी सत्संग का अवसर मिले तो समय निकाल कर अवश्य ही सत्संग करना चाहिए. सत्संग से जीवन मे शांति और ईश्वर की कृपा मिलती है. आचार्य जी ने कहा कि भागवत कथा से जीव को धर्म, अर्थ, काम और मरणोपरांत मोक्ष गति प्राप्त होती है. इस कथा से मनुष्य, भूत, प्रेत, किट पतंग, सभी जीव का उद्धार हो जाता है. उन्होंने बताया कि धुंधुकारी जैसा महापापी जो कि मरने के बाद प्रेत योनि को प्राप्त हुआ, भागवत कथा श्रवण मात्र से प्रेत योनि से उनकी मुक्ति हुई और सीधे भवसागर पार उतर गया. आचार्य शर्मा जी ने कहा कि भगवान के चरणों में जितना समय बीत जाए उतना अच्छा है। संसार में एक-एक पल बहुत कीमती है। जो बीत गया उसे जाने दें। इसलिए जीवन को व्यर्थ में बर्बाद नहीं करना चाहिए। भगवान द्वारा प्रदान किए गए जीवन को भगवान के साथ और भगवान के सत्संग में ही व्यतीत करना चाहिए।

इस बार चुनाव लडऩे का वैसा मन नहीं है, जैसा पहले रहता था – सिंहदेव

इस बार चुनाव लडऩे का वैसा मन नहीं है, जैसा पहले रहता था – सिंहदेव
अंबिकापुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव गुरुवार को चुनाव लडऩे को लेकर अपने मन की बात कह ही दी। शहर के गांधी स्टेडियम में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार उनका चुनाव लडऩे का वैसा मन नहीं है, जैसा पहले रहता था।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव 2 दिवसीय सरगुजा व अंबिकापुर दौरे पर हैं। गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे वे शहर के गांधी स्टेडियम में आयोजित स्व. एमएस सिंहदेव स्मृति शालेय ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने पहुंचे थे।

उन्होंने प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के बाद स्टेडियम में ही वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से चर्चा की। इस दौरान उनसे कुछ दिन पूर्व उनके द्वारा चुनाव से पहले वे अपने भविष्य को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं के बयान के मायने तथा चुनाव लड़ेंगे या नहीं, के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि क्योंकि फैसला नहीं लिया है तो तब तक के लिए मेरे लिए और सभी के लिए भी इंतजार है। रहा सवाल चुनाव लडऩे का, इस बार चुनाव लडऩे का सही में मन नहीं बनाया है, नहीं तो अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं इसके पहले 2008, 2013 और 2018 में मन में भी था कि चुनाव लडऩा है। लेकिन इस बार चुनाव लडऩे का वैसा मन नहीं है, जैसा पहले रहता था। चुनाव लडूंगा या नहीं इस पर लोगों से पूछकर लडूगा।

मुख्यमंत्री से भारतीय क्रिकेट टीम के प्रबंधक तरुणेश ने की सौजन्य मुलाकात

दिसंबर 2022 के बांग्लादेश दौरे में प्रबंधक नियुक्त होने पर दी बधाई
रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज राजधानी रायपुर स्थित पुलिस लाईन हेलीपेड में भारतीय क्रिकेट टीम के बांग्लादेश दौरे में प्रबंधक रहे  तरुणेश सिंह परिहार ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले 70 सालों में पहली बार बीसीसीआई ने छत्तीसगढ़ से उन्हें भारतीय सीनियर क्रिकेट टीम का प्रबंधक बनाया। यह पहला मौका है जब मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद किसी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

श्री परिहार ने बताया कि उन्हें दिसम्बर 2022 में बांग्लादेश में आयोजित 3 वनडे और 2 टेस्ट मैचों की श्रृंखला में, जिसमें भारतीय टीम को सफलता मिली में टीम का मैनेजर नियुक्त किया गया। उन्होंने बताया कि टीम का मैनेजर होने के नाते सेरेमनी में भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा श्रृंखला में जीती गई ट्रॉफी उठाने का मौका उन्हें भी मिला। ज्ञातव्य है कि श्री परिहार राजधानी रायपुर स्थित श्यामनगर के निवासी हैं। मुख्यमंत्री ने श्री परिहार को उनकी इस उपलब्धि के साथ प्रदेश का नाम रौशन करने के लिए बधाई दी एवँ उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

निगम ने कब्जा हटाकर घर सील किया तो, गुस्से में महिला ने पेट्रोल डालकर खुद को जलाया

राजनांदगांव शहर के लखोली में गुरुवार को एक महिला ने खुद के ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक महिला गंभीर रूप से जल गई। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र का है।

अटल आवास में बने मकान से हटाए जाने के दौरान महिला ने खुद को आग के हवाले कर लिया। घटना की सूचना लोगों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। महिला का बयान लेने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फिलहाल उसकी हालत ऐसी नहीं है कि उससे कुछ भी बात की जा सके।

राजनांदगांव एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि लखोली में नगर निगम द्वारा अटल आवास का निर्माण किया गया है, लेकिन यहां कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है और बिना आवंटन हुए ही रहने लगे हैं। इसी के तहत नगर निगम की टीम गुरुवार को कब्जा हटाने लखोली पहुंची हुई थी। यहां महिला यास्मीन बेगम (49) भी अपने 22 साल के बेटे के साथ रहती है। उस पर भी बिना आवास के आवंटन के ही वहां बने अटल आवास में रहने का आरोप है। नगर निगम की टीम ने उसका मकान सील कर दिया। ये देखकर महिला ने घर के बाहर खुद के ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की।

महिला के आत्मदाह करने की कोशिश के बाद निगम की टीम मौके से भाग निकली। एक दिन पहले ही महिला ने निगम के अधिकारियों को मौखिक रूप से बताया था कि निगम के कर्मचारी ने ही पीएम आवास में रहने के लिए 30 हजार रुपए लिए हैं। जिसे अधिकारियों ने अनसुना कर दिया था। महिला की आत्मदाह करने की कोशिश के बाद पीएम आवास लखोली में माहौल गरमाया हुआ है।

जब नगर निगम की टीम उसके द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटा रही थी, तो इसी बीच उसने खुद पर पेट्रोल डाल लिया, और पलक झपकते ही आग भी लगा ली। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को भी कुछ सोचने-समझने का मौका नहीं मिला। आसपास के लोगों ने पहले कपड़े और फिर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। इसके बाद लोगों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी।

एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि इससे पहले भी अटल आवास में कब्जा करते रह रहे लोगों को नगर निगम द्वारा नोटिस दिया जा चुका है। नगर निगम ने उन्हें खुद ही घर खाली कर देने को कहा था, इसके बावजूद अवैध कब्जाधारकों ने मकान खाली नहीं किया। जिसके बाद नगर निगम यहां कब्जा हटाने पहुंची थी। उन्होंने कहा कि जिस महिला ने आत्मदाह की कोशिश की है, उसकी हालत गंभीर है। उसका इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि महिला तलाकशुदा थी और अपने बेटे के साथ यहां रहती थी। वो कपड़ा बेचने का काम करती थी।

इस शख्स की हैं 12 पत्नियां, 102 बच्चे और 568 नाती-पोते, अब 67 साल की उम्र में लिया ये बड़ा फैसला

दुनिया में आए दिन किसी न किसी व्यक्ति की किसी कार्य के लिए खूब चर्चा होती है। इन दिनों अफ्रीकी देश युगांडा में रहने वाले एक शख्स की हर तरफ चर्चा हो रही है। इस शख्स की 12 बीवियां हैं और 102 बच्चे हैं। इसके साथ ही 568 नाती-पोते भी हैं। आपको जानकर यह यकीन नहीं हो रहा है, लेकिन यह बिल्कुल सच है और कोई बनाई गई कहानी नहीं है।
आपको इस शख्स के परिवार के बारे में जानकर हैरानी हो रही होगी। युगांडा में रहने वाला यह शख्स एक किसान है। अब इस व्यक्ति ने बड़ा फैसला लिया है जिसके लिए उसकी चर्चा हो रही है। दरअसल शख्स का कहना है परिवार लगातार बढ़ता जा रहा है और अब इसे रोकना चाहिए। शख्स ने यह फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि परिवार के भरण-पोषण के लिए इनकम कम पड़ रही है।

इस शख्स का नाम मूसा हसाहया है जिसकी उम्र 67 साल है। युगांडा के लुसाका शहर में मूसा रहते हैं। यहां पर एक से अधिक शादिया करना अपराध नहीं है। इसकी वजह से उन्होंने एक-दो नहीं बल्कि 12 शादियां की हैं और अब उनकी 12 पत्नियां हैं।
मूसा हसाहया की सभी पत्नियां12बेडरूम के एक ही घर में और एक साथ रहती हैं।102 बच्चों के बाप मूसा की सबसे छोटी पत्नी जुलैका से 11 बच्चे हैं।फिलहाल आर्थिक तंगी की वजह से मूसानेबढ़ते परिवार को रोकने का निर्णय लिया है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 67 वर्षीय मूसा की आर्थिक हालात खराब है जिससे परेशान होकर अब वह परिवार नियोजन का फैसला लिया है। मूसा ने अपनी सभी पत्नियों को गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। वह चाहते हैं कि अब आगे किसी बच्चे का जन्म न हो।

आर्थिक हालत हो चुकी है खराब

102 बच्चे पैदा करने के बाद मूसा को ख्याल आया कि अब खर्चा बढ़ रहा है और परिवार को रोकना चाहिए। मूसा एक किसान हैं जिसकी वजह से उनकी आय अधिक नहीं है। मूसा के एक तिहाई बच्चों की उम्र 6 से 51 साल के अंदर है।

सभी बच्चे मूसा के साथ खेती किसानी का काम करते हैं। मूसा के सबसे बड़े बेटे की उम्र उनकी 11वीं पत्नी से 21 साल अधिक है। गरीबी की वजह दो पत्नियां छोड़कर चली गई हैं। अब बची हुई पत्नियां गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रही हैं, ताकि आगे बच्चे न हों।

एक महिला और तीन नाम, पति भी तीन: हर बार नाम बदलकर कीं लव मैरिज, दो बार बनी हिंदू… तीसरे ने दी खौफनाक मौत

गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के वृंदावन एन्क्लेव में 25 दिसंबर की शाम को भव्या शर्मा (35) की हत्या उसके ही पति विनोद शर्मा ने चाकू घोंपकर की थी। पुलिस ने बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि भव्या की तीन शादी हुई थी। वह विनोद के साथ रहते हुए भी दूसरे पति अनीश के साथ रिश्ते रखती थी। 24 दिसंबर को वीडियो कॉल पर विनोद ने उसे अनीश के साथ देख लिया था। इसी पर उसे साजिश रचकर 25 को हत्या कर दी और पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठ बोल दिया कि वह ज्यादा शराब पीने से मरी है।

विनोद ने ही 26 की सुबह पहले भव्या के मायके में और फिर विजयनगर थाने में इसकी सूचना दी थी। भव्या का शव घर में ही बिस्तर पर पड़ा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी हत्या पेट में चाकू घोंपकर की गई थी। इस पर पुलिस का माथा ठनक गया, आखिर विनोद ने झूठ क्यों बोला? उससे पूछताछ हुई तो उसने सच उगल दिया।

एसीपी अंशु जैन ने बताया कि विनोद को शक था कि भव्या के अनीश से रिश्ते हैं। वह आयुर्वेदिक दवाओं की सप्लाई चेन से जुड़ी थी। इसी के सिलसिले में अक्सर इंदौर और जबलपुर जाती थी। 24 को भी वह गई हुई थी। विनोद ने पूछताछ में बताया कि 24 को भव्या ने वीडियो कॉल की। इसमें उसके साथ अनीश भी नजर आया। अनीश ने उसे धमकी दी कि वह गाजियाबाद छोड़कर चला जाए वरना उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा। तभी उसने हत्या की ठान ली थी। एसीपी ने बताया कि विनोद खुद कोई रोजगार नहीं करता है। भव्या की कमाई से ही घर चल रहा था। भव्या के भाई टीपू ने विनोद के खिलाफ विजयनगर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

बच्चे को पैसे दे बाहर भेजा शराब पिलाकर की थी हत्या
विनोद ने बताया कि वह और भव्या अक्सर साथ में शराब पीते थे। 25 की सुबह को भव्या घर लौटी थी। दोनों सुबह से ही शराब पीने बैठ गए। साजिश के तहत वह खुद कम पी रहा था और भव्या को ज्यादा पिला रहा था। शाम होते-होते वह पूरी तरह नशे में हो गई और बिस्तर पर लेट गई। घर में आदिल मौजूद था। उसने उसे पैसे देकर कहा कि बाजार से खिलौना ले आए। उसके जाते ही उसने भव्या के पेट में चाकू घोंप दिया। भव्या का ऑपरेशन हो चुका था। टांके लगने वाली जगह के पास ही सब्जी काटने वाला चाकू मारा ताकि पुलिस ऑपरेशन का निशान समझे। आदिल लौटा तो उससे कह दिया कि मम्मी सो गई है, परेशान न करे।

कपड़े बदले और साफ किया खून
विनोद ने हत्या के बाद भव्या के खून से सने कपड़े बदल दिए। बिस्तर से खून साफ कर दिया। तौलिए से शव को पोंछ दिया। इसके बाद भव्या के कपड़े धो दिए और सुखाने के लिए डाल दिए। तौलिया और मोबाइल वाशिंग मशीन के पीछे छिपा दिया था। चाकू को कमरे में अलमारी के पीछे फेंक दिया था। पुलिस ने चाकू बरामद कर लिया।

कभी अंजली कभी अफसाना तो कभी बनी भव्या
भव्या का जन्म बिहार के सीतामढ़ी में मुस्लिम परिवार में हुआ था। उसका नाम बेबी था। उसका परिवार गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार में आकर रहने लगा। उसने तीन शादी कीं। तीनों प्रेम विवाह थे। दो शादी हिंदू युवकों से हुईं और एक मुस्लिम से। हर शादी में उसने नाम बदला। पहली शादी के बाद बेबी से बदलकर अंजली कर लिया। दूसरी के बाद अफसाना हो गई। तीसरी के बाद भव्या बन गई।

पहली शादी योगेंद्र से
उसकी पहली शादी 2004 में दिल्ली के युवक योगेंद्र कुमार से हुई। शादी के बाद नाम रखा अंजली। दोनों का एक बेटा हुआ जिसका नाम निहाल है और उम्र 16 साल। वह पिता के साथ रहता है। अंजली और योगेंद्र 13 साल साथ रहने के बाद अलग हो गए थे।

दूसरी अनीश के साथ
योगेंद्र से अलग होने के बाद वह दिल्ली के ही अनीश के संपर्क में आई। नाम बदलकर अफसाना रख लिया। दोनों का निकाह 2017 में हुआ। दोनों का एक बेटा है जिसका नाम है आदिल और उम्र आठ साल। शादी के डेढ़ साल बाद अफसाना और अनीश अलग हो गए। आदिल मां के साथ रहने लगा।तीसरा पति बना विनोद अनीश से अलग होने के बाद अफसाना गुरुग्राम के निवासी विनोद शर्मा के संपर्क में आई। दोनों ने 2019 में शादी कर ली। शादी के बाद अफसाना से नाम बदलकर भव्या रख लिया। दोनों की कोई संतान नहीं है।

तिल्दा थाना के सामने हादसा;साइकिल सवार को ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर, दाया पैर घुटने के नीचे से कुचलकर हो गया अलग

तिल्दा पुलिस थाना के सामने आज सुबह हुए एक हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया.ओटगन का रहने वाला शंभू साहू 35 साल  अपनी साइकिल से तिल्दा आ रहा था  थाना के सामने पहुचा तो पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसको टक्कर मार दी, जिससे उसका दाया पैर ट्रक के पहियों के नीचे चला गया .

इस दर्दनाक हादसे में शंभू का दाया पैर घुटने के नीचे से कुचलकर अलग हो गया.. हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया.. वही घायल शंभू साहू को गंभीर अवस्था में रायपुर रेफर किया गया है

राजधानी रायपुर आने के लिए निकले सड़क हादसे में दो भाईयों की मौत

पलारी में बुधवार को हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। एक दूसरे एक्सीडेंट में 2 लोग घायल हुए हैं। पहली घटना में कोदवा मोड़ पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो भाईयों की मौत हो गई। दूसरी घटना में बुधवार शाम साढ़े 4 बजे घोटिया मोड़ पर रेत लेने महानदी जा रहे खाली हाईवा ने बाइक सवार पति-पत्नी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दोनों गंभीर हैं।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम पिरदा (मंदिरहसौद) निवासी युवक दीपक कोसले (20 वर्ष) और उसका फुफेरा भाई आदित्य बंजारे (19 वर्ष) ग्राम डुमहा थाना खरोरा अपने रिश्तेदार के घर ग्राम पनगांव बलौदाबाजार से रायपुर के लिए निकले। दोनों भाई बाइक पर सवार थे और किसी काम से राजधानी रायपुर आने के लिए निकले थे। तभी पनगांव से 30 किलोमीटर दूर कोदवा मोड़ पर सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों भाई सड़क से करीब 20 फीट की दूरी पर जा गिरे। दोनों युवक सड़क किनारे लगे दिशा सूचक से जा टकराए। जिसके कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि दोनों युवक रायपुर के किसी होटल में काम करते हैं। वे मंगलवार शाम को अपने मालिक से पूजा में शामिल होने के लिए छुट्टी मांगकर गांव आए थे। बुधवार सुबह वे काम पर वापस लौटने के लिए घर से निकले थे, तभी ये हादसा हो गया। पुलिस ने दोनों युवकों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर उनके परिजनों को सौंप दिया है। अज्ञात वाहन चालक की तलाश की जा रही है।

कोदवा के पास हादसे में मृत दोनों अज्ञात युवकों की शिनाख्त करने में पुलिस को मुश्किल आ रही थी। आसपास के लोग युवकों को पहचानते नहीं थे, न तो उनके पास से कोई पहचान पत्र या कोई अन्य दस्तावेज मिला। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जो सड़क हादसे में पूरी तरह से टूट चुका था, जैसे-तैसे उस मोबाइल से सिम निकालकर अस्पताल के कर्मचारी ने उसे अपने मोबाइल में लगाया और पुलिस की मौजूदगी में अंतिम बार कॉल किए गए नंबर पर बात की, तो वो नंबर मृत युवक की गर्लफ्रेंड का निकला।

युवक की गर्लफ्रेंड ने युवक की पहचान और उसके घर का पता बताया, तब जाकर अस्पताल स्टाफ और पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस ने मृतकों के घर पर हादसे की सूचना दी। युवती से ही पुलिस को पता चला कि दोनों आपस में ममेरे-फुफेरे भाई हैं और होटल में काम करते हैं। वे अपने घर पूजा में शामिल होने के लिए कल ही गए थे और आज ये हादसा हो गया।

धरने के बीच टीचर फांसी लगाने लगा :पुलिस ने दौड़कर बचाया, 22 साल से जॉइनिंग के लिये भटक रहे औपचारिकेत्तर शिक्षक

राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब धरना प्रदर्शन स्थल में एक बड़ी दुर्घटना होने से टल गई। यहां सरकारी नौकरी पाने के लिए धरना दे रहे एक शिक्षक धरमा जांगड़े ने खुद को रस्सी के सहारे फांसी पर लटका लिया। आनन-फानन में वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दौड़कर उन्हें फंदे से उतारा। जिसके बाद उनका मेडिकल जांच कराया गया। फिलहाल उनकी हालत अब सामान्य है।

शिक्षक धरमा जांगड़े जांजगीर-चांपा के रहने वाले हैं। यहां सैकड़ों शिक्षक दो दिन से धरना और भूख हड़ताल के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। औपचारिकेत्तर शिक्षकों का कहना है कि, वे बेरोजगारी और गरीबी की डबल मार से जूझ रहे हैं। उनके पास जीवन चलाने का कोई विकल्प नहीं है। जानकारी मिली है कि जांच करने पर पुलिस को बोतलों में पेट्रोल भी मिला है। जिसे संघ के कुछ सदस्य आत्महत्या करने के उद्देश्य से लाये थे।

दरअसल अविभाजित मध्य प्रदेश के समय औपचारिकेत्तर शिक्षकों द्वारा दूर अंचल के गांवों और जंगलों में बच्चों को पढ़ाया जाता था। यह शिक्षक उन जगहों में पढ़ाते थे जहां स्कूल का इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बना रहता था। ये शिक्षक बच्चों को पेड़ों के नीचे, मैदानों,गांव के चौराहों में टाटपट्टी और ब्लैक बोर्ड लगाकर शिक्षा की कमान संभाले हुए थे। सरकार द्वारा इन्हें 300-500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मानदेय देती थी, और साल 2000 में जब मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग हुआ तो ये शिक्षक बेरोजगार हो गये। नए राज्य छत्तीसगढ़ में इन्हें परमानेंट शिक्षक के पदों पर नियुक्ति नहीं मिली।

संघ के अध्यक्ष टिकेश्वर यादव ने बताया कि, मामला 2010 में हाईकोर्ट में पहुंचा तो न्यायालय ने शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। जिसमें सरकार को कोर्ट ने इन्हें नौकरी देने के लिये आदेश दिया। लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। टिकेश्वर यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के समय 5 हजार के लगभग शिक्षक थे जो अब घटकर 4500 हो गए हैं। सरकार ने अब तक उनके लिये कोई निर्णय नहीं लिया हैं।