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छत्तीसगढ़

धूमधाम से मनाया जा रहा है..भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षा बंधन

तिल्दा नेवरा oभाई बहन के स्नेह की अटूट डोर का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन आज पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान बहने अपने भाइयों के हाथों पर राखी बांधकर रक्षा का संकल्प ले रही है। भाई भी बहनों को उपहार भेंट कर रहे हैं ‌।देश के कोने-कोने मैं यह त्योहार पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. देश की रक्षा के लिए सरहद पर तैनात जवानों को भी घरों से राखियां भेजी गई है

इस बार रक्षाबंधन का त्यौहार 297 साल बाद दुर्लभ ग्रहण के सयोग में मनाया जा रहा है ऐसा संयोग 1728 में बना था इस बार भद्रा रहित योग है। इसीलिए बहाने दिन भर किसी भी समय भाई को राखी बांध  सकती हैं। हालांकि शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजे से ही बहनों ने भाइयों के हाथों में राखी बांधना शुरू कर दिया था। यह शुभ मुहूर्त दोपहर 1:24 तक रथा। लेकिन भद्रा का साया नहीं होने के कारण किसी भी समय बहन भाई की कलाई पर राखी बंधेगी उसे कोई दोष नहीं लगेगा।

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का सबसे सुंदर और पवित्र पर्व है। यह भारत का एक प्रमुख त्योहार है, जो भाई-बहन के रिश्ते, प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस साल रक्षाबंधन का पर्व आज यानी कि 9 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जा रहा है। बहने भाई भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सलामती की दुआ कर रही है.

ब्रह्माकुमारी बहनों ने भी अपने सेंटर में रक्षाबंधन पर्व मनाया और भाईयो को राखी बांधी.तिल्दा में प्रियंका बहन ने  कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ धागे का बंधन नहीं है। यह आत्मिक संबंध और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने भाइयो से आग्रह किया कि वे इस पावन अवसर पर अपनी एक कमी जैसे क्रोध आदि उन्हें उपहार में दे दें। इससे समाज में शांति और भाईचारा कायम रह सकेगा।

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