Sunday, January 25, 2026
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महाराष्ट्र निवासी हर्बल कंपनी के डायरेक्टर ने. भिलाई के होटल में फांसी लगाकर की खुदकुशी

भिलाई में एक होटल के कमरा नंबर 312 में पिछले 20 दिनों से रुके महाराष्ट्र के एक कारोबारी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि उस पर करोड़ों रुपए का कर्जा था। कर्ज नहीं चुका पाने के चलते वह छिपकर भिलाई में रह रहा था। जब कर्जदारों का दबाव बढ़ा तो उसने खुदकुशी कर ली। सुपेला पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सुपेला पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान गोविंद तायाप्पा पवार ( 41 साल) पिता तायाप्पा पवार निवासी 1098/2 मार्केट कमेटी शेजरील, दिघंची, आटपाड़ी, सांगली महाराष्ट्र के रूप में हुई है। वो दिसंबर 2023 से भिलाई लगातार अपनी हर्बल कंपनी के काम के सिलसिले में आ रहा था। वो इस होटल में 3 मार्च 2024 से ठहरा हुआ था।

यहीं उसने पहले हाथ की नस काटने की कोशिश की, लेकिन जब वो ऐसा नहीं कर सका तो चादर फाड़कर उसका फंदा बनाया और पंखे पर बांधकर लटक गया। होटल के मैनेजर आशीष बोरकर ने बताया कि गोविंद पवार पिछले 3 मार्च से होटल के कमरा नंबर 312 में रुका हुआ था। वो समय पर पैसा देता था। शनिवार दोपहर जब गोविंद लंच के लिए कमरे से नहीं निकला तो स्टाफ उसे बुलाने गया। काफी आवाज लगाने और डोरबेल बजाने पर भी उसने कमरा नहीं खोला। इससे होटल स्टाफ को किसी अनहोनी का शक हुआ।

इसके बाद होटल स्टाफ ने मास्टर KEY से दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन अंदर से बंद होने के चलते दरवाजा नहीं खुला। घबराए स्टाफ ने फौरन सुपेला पुलिस को फोन पर इसकी सूचना दी। पुलिस होटल पहुंची और दरवाजा तोड़कर देखा तो गोविंद फंदे पर लटका हुआ था।

कमरा नंबर 312 में बेड में एक चाकू पड़ा हुआ मिला है। हाथ में चाकू से काटने का निशान है। पुलिस का कहना है कि पहले गोविंद ने चाकू से हाथ की नस काटने की कोशिश की। जब वो नस नहीं काट सका तो बेड के चादर को फाड़कर उससे फंदा बनाया और पंखे पर बांधकर झूल गया। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला भिजवाया।

गोविंद के दोस्त भिलाई निवासी शैलेंद्र सिंह का कहना है कि गोविंद सेवन ई लाइफ हर्बल नाम की कंपनी चलाता था। वह उससे बिजनेस के सिलसिले में मिलने जाता था। उसकी कंपनी में बड़ा अमाउंट इन्वेस्ट करना चाहता था। शैलेंद्र ने बताया कि उसने पहले भी साल 2020 में गोविंद की कंपनी में 50 हजार रुपए लगाए थे, लेकिन उसे बड़ा इन्वेस्टर चाहिए था।

शैलेंद्र ने बताया कि गोविंद के कॉल्स बहुत आते थे। जो भी फोन आता वे लोग उससे पैसे मांगते थे और गाली गलौज करते थे। कई लोग तो पैसे ना देने पर धमकी तक देते थे। इन सबसे वो काफी परेशान था। पुलिस को भी गोविंद के कमरे से एक डायरी मिली है, जिसमें करोड़ों रुपए के कर्ज और लेनदेन का हिसाब है। पुलिस का कहना है कि इन्हीं कर्जदारों के दबाव के चलते उसने खुदकुशी की है। शैलेंद्र ने बताया कि गोविंद अच्छे घर से था। वह काफी इटेलिजेंट था। घर में उसकी पत्नी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी 10वीं और छोटी 8वीं में है। गोविंद बिजनेस के सिलसिले में अक्सर भिलाई आता था। यहां वो बिलासपुर और अन्य शहरों में भी लोगों से मिलता-जुलता था।

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