कोरबा-छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में चार दिन पहले हसदेव नदी में नहाते समय दो और दोस्तों के साथ डूबे आशुतोष सोनकर का शव 92 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज बरामद कर लिया गया है, 3 फरवरी तीन दोस्त हसदेव नदी में डूब गए थे
खबर मिलने के बाद SDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था.लगातार चलाए गए रेस्क्यू के बाद पहला शव 72 घंटे,और दूसरा 80 घंटे बाद गुरवार को मिला था, 92 घंटे के बाद तीसरा शव आज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिला। तीनों युवक कॉलेज के छात्र थे। घटना दर्री थाना क्षेत्र की है।

नगर सेना और SDRF गोताखोरों की टीम ने सोमवार से सर्च ऑपरेशन शुरू किया था । पहले दिन टीम को सिर्फ तीनों दोस्तों के चप्पल-जूते, कपड़े, मोबाइल और बाइक नदी किनारे मिले थे। शाम तक तीनों का कोई सुराग नहीं मिला, अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोक दिया गया था।
इसके 3 दिन बाद 2 शव गुरुवार को मिले थे। पहली लाश सागर चौधरी की जलकुंभी में फंसी हुई मिली थी, जो करीब 10-15 फीट की गहराई में थी। दूसरा शव करीब 8 घंटे बाद बजरंग प्रसाद का घटना स्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर मिला था।
शुक्रवार को गोताखोरों की टीम ने फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू करने के पहले सुबह दर्री डैम में मछुआरे की नजर शव पर पड़ी। उसने पुलिस को सूचना दी, जहां रेस्क्यू टीम ने आशुतोष सोनकर के शव को बाहर निकाला।
आपको फिर से बता दे कि आशुतोष सोनकर 18 साल बजरंग प्रसाद 19 साल और 28 साल के सागर चौधरी तीनों दोस्त हसदेव नदी में नहाने गए थे, नहाते वक्त तीनो 15-20 फीट की गहराई में चले गाए थे।

