गरियाबंद -जिले के उदंती अभयारण्य तौरेंगा वन परिक्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को रोकने पहुंचे ने रेंजर समेत 4 वनकर्मियों की गांव की ओर से आए 25 से 30 लोगो ने घेरकर बेरहमी से पिटाई कर दी। इसके बाद कपड़े उतरवाकर उनके मोबाइल और पैसे भी छीन लिए।मामला उदंती सीतानदी अभयारण्य के बफर जोन के तौरेंगा वन परिक्षेत्र का है।

यहां अधिकारी राकेश परिहार अपने सरकारी वाहन से अवैध अतिक्रमण को रोकने पहुंचे थे। इस दौरान गोना नवापारा निवासी अशोक नेताम ट्रैक्टर से वन भूमि में अवैध रूप से जुताई करता दिखा थ।
वन अमले को देख ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर लेकर गांव की ओर भाग गया। इसके बाद घटना स्थल का मुआयना अमला कर ही रहा था कि गांव की ओर से 25 से 30 लोग पहुंच गए। लोगों ने रेंजर और वन कर्मचारियों को चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। रेंजर परिहार और बाकी तीनों कर्मियों के कपड़े उतरवाए और मोबाइल, पैसे भी छीन लिए। फिर उन्हें भीड़ ने लाठी-डंडों से तब तक पीटा, जब तक शरीर से चमड़ी न उधड़ गई।घायल वन परिक्षेत्र अधिकारी राकेश परिहार ने बताया कि वे अवैध अतिक्रमण रोकने गए थे। 25-30 महिला-पुरुषों ने उन्हें पकड़कर जमकर मारपीट की। मोबाइल, पर्स, जूता, चप्पल, पैसा सब छीन लिया। मारपीट के बाद एक महिला ने सिर्फ सरकारी वाहन की चाबी वापस की। अर्धनग्न हालत में हमने रक्शापत्थरा लघु वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधक के घर पहुंचे।
सहयोगी कर्मियों ने धोती, साड़ी में लपेट कर पहले थाना पहुंचाया। जहां रेंजर परिहार ने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। हालांकि शोभा थाने में FIR लिखने और कार्रवाई करने की जानकारी नहीं मिली है। शिकायत के बाद सभी का मैनपुर में प्राथमिक इलाज कराया गया इसके बाद सभी को गरियाबंद रेफर किया गया है।
घटना की सूचना लगते ही उप संचालक वरुण जैन और पुलिस अफसर अस्पताल पहुंच गए थे। मामले की पुष्टि करते हुए अभयारण्य के उप संचालक वरुण जैन ने कहा कि वन कर्मी अफसरों के साथ अतिक्रमणकारियों ने मारपीट की है। इसमें उचित कानूनी कार्रवाई करने कहा गया है। मैनपुर SDOP पुलिस बाजीलाल सिंह ने बताया कि वन विभाग द्वारा मामले की सूचना दी गई है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

