छत्तीसगढ़

एक लोटा जल चढ़ा दो और कुछ काम मत करो… बीजेपी को घेरने के चक्कर में ‘फंस’ गए भूपेश बघेल?

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालोद में एक विवादित बयान दिया है। इस दौरान बघेल ने कहा कि एक लोटा जल चढ़ा दो और जीवन में कुछ मत करो। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ बीजेपी का फैलाया अंधविश्वास है
  • छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल का विवादित बयान
  • उन्होंने कहा कि एक लोटा जल चढ़ा दो और जीवन में कुछ मत करो
  • बघेल ने कहा कि यह बीजेपी का फैलाया अंधविश्वास है
  • पूर्व सीएम के बयान पर मचा है हंगामा

बालोद: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को सनातन धर्म को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया, जिस पर बीजेपी हमलावर हो सकती है। कांग्रेस नेता ने सनातन धर्म को लेकर कहा कि एक लोटा जल चढ़ा दो और जीवन में कुछ काम मत करो, बच्चों को मत पढ़ाओ, खेत में काम मत करो, बस एक लोटा जल चढ़ा दो, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। इस तरह की धारणा लोगों में बनी हुई है। बघेल ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है, जब देश के कुछ राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं।

बीजेपी का फैलाया हुआ अंधविश्वास है

उन्होंने आगे कहा कि इसे हम आस्था नहीं कह सकते हैं। यह आस्था नहीं, बल्कि बीजेपी द्वारा फैलाया गया अंधविश्वास है। भूपेश बघेल ने यह बयान बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम जेवरतला में एक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो कैसे कुछ बनेंगे। भगवान कृष्ण ने गाय चराए, भगवान राम जंगल-जंगल भटके हैं।

बीजेपी पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म का जिक्र करके बीजेपी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी लोगों के बीच सनातन का सहारा लेकर झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, जिसे हम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं। अगर हमने इसे स्वीकार किया, तो इससे आने वाले दिनों में सामाजिक व्यवस्था पर प्रहार होगा।

बघेल से पहले भी कई नेता दे चुके हैं बयान

भूपेश कांग्रेस के इकलौते नेता नहीं हैं, जिन्होंने सनातन पर विवादित बयान दिया हो, बल्कि इससे पहले भी इस पार्टी के कई नेता इस तरह के विवादित बयान दे चुके हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक ने सनातन धर्म को बीमारी बताया था। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि जो धर्म लोगों के साथ मानवीय व्यवहार नहीं कर सकता, लोगों को समानता के अधिकारों से वंचित रखता है। ऐसे धर्म को धर्म नहीं, बल्कि बीमारी कहना ज्यादा सही होगा। उनके इस बयान को लेकर खूब हंगामा हुआ था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button