तिल्दा नेवरा -धार्मिक मत है कि मां अन्नपूर्णा की पूजा-उपासना करने से घर में अन्न और धन का अभाव नहीं होता है। साथ ही सुख और समृद्धि में भी वृद्धि होती है। वास्तु शास्त्र में भी मां अन्नपूर्णा की पूजा-उपासना करने की सलाह दी गई है। अगर आप भी मां अन्नपूर्णा की कृपा के भागी बनना चाहते हैं तो मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें।
- हर वर्ष मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि पर अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है।
- इस दिन मां पार्वती और महादेव की पूजा-उपासना की जाती है।
- मां अन्नपूर्णा की पूजा-उपासना करने से घर में अन्न और धन का अभाव नहीं होता है।
हर वर्ष मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि पर अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। इस प्रकार,वर्ष 2023 में 26 दिसंबर को अन्नपूर्णा जयंती है।इस दिन जगत जननी आदिशक्ति मां पार्वती और देवों के देव महादेव की पूजा-उपासना की जाती है।धार्मिक मत है कि मां अन्नपूर्णा की पूजा-उपासना करने से घर में अन्न और धन का अभाव नहीं होता है।साथ ही सुख और समृद्धि में भी वृद्धि होती है।वास्तु शास्त्र में भी मां अन्नपूर्णा की पूजा-उपासना करने की सलाह दी गई है।अगर आप भी मां अन्नपूर्णा की कृपा के भागी बनना चाहते हैं, तो मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें। साथ ही पूजा के समय अन्नपूर्णा स्तोत्र का पाठ करें।

