Wednesday, February 25, 2026
Homeछत्तीसगढ़अयोध्या को अब लिखना मुश्किल, बस महसूस कीजिए; पहली बार ढलते सूरज...

अयोध्या को अब लिखना मुश्किल, बस महसूस कीजिए; पहली बार ढलते सूरज के साथ रोशनी बढ़ रही

प्राण प्रतिष्ठा से ठीक कुछ घंटों पहले तक कैसी नजर आई भगवान राम की नगरी अयोध्या।वीसीएन कि खास रपट

इस समय अयोध्या को लिखना मुश्किल हो रहा है, चारों तरफ एक बेचैनी सी है। इसके साथ ही एक अजीब किस्म की खुशी। सब कुछ थोड़ा तेज सा चलने लगा है। श्रद्धालुओं के मन में एक ही सवाल है पता नहीं उसको दर्शन होंगे या नहीं। पुलिस वालों को लग रहा है की कहीं कोई चूक न हो जाए। दुकानदार ग्राहकों को सही से संभाल नहीं पा रहे हैं। सफाईकर्मियों के हाथ तेजी से झाड़ू लगाने और कचरे को हटाने में लगे हैं। इन सब के बीच में पुलिस का सायरन और अधिकारियों की गाड़ियों की दौड़। पूरी दुनिया का मीडिया यहां है और सबलोग सबकुछ कवर करने को उतारू। बीच-बीच नांचती हुईं बाबाओं की टोलियां और दूर-दूर से आए हुए लोग। जिन्होंने कैमरा नहीं देखा वो उन्हें ऐसे देख रहे हैं जैसे ये किसी दूसरे देश का प्राणी है। कुछ लोग इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह उन्हें कैमरे में आने का मौका मिल जाए।

लता चौक से हनुमान गढ़ी और फिर रामजन्मभूमि तीर्थ स्थल पर बस आपको यही नजारे देखने को मिलेंगे। पिछले तीन दिनों से यहां पर सफाई करने वाले और सजावट करने वालों के हाथ कभी रूकते हुए नहीं देखे। जब भी सुबह उठा अयोध्या पहले से ज्यादा अधिक सजी-धजी सी दिखी। भजनों और कीर्तनों के इतने प्रकार की आवाजें आपके जहन में आती हैं कि दिल तक सिर्फ राम शब्द पहुंचता है।

लता चौक से हनुमान गढ़ी और फिर रामजन्मभूमि तीर्थ स्थल पर बस आपको यही नजारे देखने को मिलेंगे। पिछले तीन दिनों से यहां पर सफाई करने वाले और सजावट करने वालों के हाथ कभी रूकते हुए नहीं देखे। जब भी सुबह उठा अयोध्या पहले से ज्यादा अधिक सजी-धजी सी दिखी। भजनों और कीर्तनों के इतने प्रकार की आवाजें आपके जहन में आती हैं कि दिल तक सिर्फ राम शब्द पहुंचता है।

कुछ ऐसे ही लोग जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे हैं। कुछ लोग हैं जो सैकड़ों किलोमीटर साइकल चलाकर आए हैं। इसी के बीच में आपको ऐसी माताएं और बुजुर्ग भी मिल जाएंगे जो सिर्फ राम का नाम लेकर घरों से चल पड़े थे, यहां तक कैसे पहुंचे, राम ही जानता है। कुछ लोग अपने साथ एक गद्दा लिए हुए हैं और बस उस पर लेटकर, फिर उसे आगे बिछाकर और फिर उसपर लेटकर अपने सफर को पूरा कर रहे हैं। चारों तरफ केसरिया रंग है।

सूरज ढल चुका है, अब अगली वो सुबह होगी जिसका हर राम भक्त को इंतजार था। इन सभी के बची सभी लोग राम लला और राम जी की महिमा की चर्चा भी कर रहे हैं। बीच बीच में ये चर्चा राजनीतिक भी हो जाती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments