Wednesday, February 25, 2026
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tilda.एक्सपायर दवा पीने से बच्चे की हालत बिगड़ी, कार्रवाई की मांग,कान्हा हास्पिटल के डाक्टरों कि लापरवाही ;कार्रवाई की मांग:

दुकान में रखी आधी दवाए एक्सपायरी

तिल्दा नेवरा -तिल्दा के पास एक गाव में एक्सपायर दवा पीने से एक डेढ साल की बच्ची की हालत बिगड़ गई।इलाज के लिए मासूम बच्ची को परिवार के लोग बुधवार सुबह सामुदायिक केंद्र ले आए तब पता चला कि बच्ची को जो दवा पिलाई गई थी वो दावा दो साल पहले एक्सपायर हो चुकी थी.उसके बाद बच्ची के पिता दवा देने वाले डाॅक्टर के क्लीनिक पहुच गए और प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की।

ग्राम भूरसुदा निवासी अनूप नायक डेढ़ साल की बेटी देशिका नायक का इलाज कराने तिल्दा दीनदयाल चौक के पास स्थित एक प्राइवेट बच्चों की कान्हा हॉस्पिटल लाया था, शाम को अस्पताल में बैठी एक महिला डॉ ने बच्ची की जांच कर उसके लिए अस्पताल के अंदर संचालित मेडिकल से दवा लाने के लिए पर्ची लिख दी. दवा लाने के बाद डॉ ने दवा पिलाने के बारे में जानकारी देकर अपनी फीस लेकर रवाना कर दिया। डॉक्टर के बताए अनुसार बच्ची को रात को निर्धारित मात्रा में दवा पिलाई गई, उसके बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई.. बुधवार की सुबह बीमार बच्ची को लेकर उसके माता-पिता रोते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।बच्ची का तुरंत इलाज शुरू किया गया और डॉक्टर ने जब पिलाई गई दवा के बारे में पूछा तो परिजनों ने दावा को डॉक्टर के सामने रख दिया. जिसे देख डॉ सन्न रह गया। दरअसल जो दवा बच्ची को पिलाई गई थी वह 2 साल पहले एक्सपायर हो चुकी थी.

उधर जब एक्सपायरी दवा की जानकारी उनके पिता को हुई तो वहआक्रोशित हो गया वह अपने परिजनों और साथियों के साथ कान्हा अस्पताल पहुंच गए  और डॉक्टर को तत्काल गिरफ्तार की मांग करने लगे, देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ लग गई और लोग प्रदर्शन करते हुए अस्पताल के सामने नारेबाजी करने लगे। जानकारी मिलने के बाद पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंच गई.. इसी बीच बीएमओ आशीष सिन्हा भी टीम के साथ अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने जब मेडिकल में रखी दवाईयों की जांच की तो दवाई रूम में रखी आधे से भी अधिक ऐसी राखी दवाइयां मिली जो 3 से 4 साल पहले एक्सपायर हो चुकी थी. इतना ही नही कई ऐसी दवाइयां रखी हुई थी जिनकी एक्सपायर होने की तारीख को मिटा दिया गया था। इस संबंध में जब कान्हा हॉस्पिटल के डॉक्टर राजेंद्र से बातचीत की गई तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उसका कहना था कि उसने कोई एक्सपायर दवा नहीं दी है।तभी आक्रोशित  लोग उनसे मारपीट पर उतारू हो गए .तब उन्होंने कहा कि हम सिर्फ दवा लिखते हैं..दवाई देने का काम दवा दुकान में बैठा फार्मेसिस करता है..उन्होंने यह भी कहा कि एक्सपायर दवा देने वाले के ऊपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।बीएमओ आशीष सिंह ने बताया कि एक्सपायरी दवा देना माट पोल के अनुसार दवा पीने वाले व्यक्ति के लिए असुरक्षित होती है।

  

मेरी एक साल आठ महीने कि गुडिया है ,उसको सर्दी जुकाम था.इलाज के लिए मैं पत्नी के साथ बच्ची को लेकर खान अस्पताल आया था यह महिला डॉक्टर ने बच्ची की जांच की और मुझे एक दवा लिख कर दी मैंने दवा लाकर मैडम को दिखाया उन्होंने दवा पिलाने की विधि बताई और अपनी फीस के साथ दवा के पैसे लेकर रवाना कर दिया उसने दवा नहीं बल्कि. मेरी बच्ची को एक्सपायरी दवा के रूप में जहर दिया था लेकिन मेरी बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने बचा लिया मैं उनका आभारी हूं और कान्हा हॉस्पिटल के डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई की मांग करता हूं ताकि दूसरों के साथ ऐसा ना हो..

अनूप नायक. पीड़ित बच्ची के पिता

मेरे देख रेख में नही,मेडम कि देख-रेख में अस्पताल नही चल रहा है.अस्पताल का संचालन मैडम करती है. और दवा फार्मेसी देता है हम सिर्फ दवा लिखते हैं,अगर फार्मेसी ने एक्सपायरी दवा दी है तो उसे पर कार्रवाई होनी चाहिए

डा.राजेन्द्र, कन्हा हास्पिटल,

एक चोली आज पता चला हमे इनके बच्चे को एक्सपायरी सिरप दिया गया है, विटामिन का,जांच करने पर न केवल सिर्फ बल्कि दुकान में रखी आधे से भी अधिक दवाइयां एक्सपायरी पाई गई है अधिकारियों को जानकारी दी गई है उसके बाद कार्रवाई की जाएगी;

आशीष सिन्हा,बी.एम ओ.तिल्दा

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