छत्तीसगढ़

बेमेतरा में वन विभाग की नर्सरी में 100 से अधिक गायों की मौत!वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

बेमेतरा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिटकुली, उसलापुर के पास वन विभाग के द्वारा लगाए गए डेढ़ सौ एकड़ के नर्सरी के अंदर लगातार गायों की मौत का सिलसिला जारी है। यहां 15 दिनों के अंदर 100 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण युवक ओंकार साहू ने नर्सरी के अंदर जाकर वीडियो बनाकर वीडियो को वायरल कर दिया। जिसके बाद से प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया है।

दरअसल किसानों के द्वारा अपनी फसलों को बचाने के लिए बंदैलिन गायों को नर्सरी में रखा गया है। जहां नर्सरी चारों तरफ से जालीतार से घिरा हुआ है। इसके चलते 100 से भी ज्यादा गाय उस नर्सरी के अंदर कैद में हैं। जहां भोजन और पानी के अभाव में अब गायों की मौत होना शुरू हो गयी है। गायों की मौत के बाद जब ग्रामीणों को बदबू आने शुरू हुई तब युवक ने जाकर अंदर का नजारा देखा और वीडियो बनाकर वायरल किया। जिसके बाद अब प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।ओंकार साहू ने बताया कि रोज की तरह वह धान की रखवाली करने खेत आता है अचानक बदबू आने से जब उन्होंने देखा तो कई गाय मरी हुई थी। उन्होंने बताया कि 2 महीने पहले उन्होंने इसकी शिकायत ग्रामीण सम्मेलन का कलेक्टर से की थीग्रामणो ने बताया कि 157 एकड़ में जानवरों को रखा गया है लेकिन उनको ना खाना दिया जाता है ना इस समय पर पानी मिलता है, गांव के एक युवक ने दावा किया कि यहां 100 से भी ज्यादा गायों की मौत हो चुकी है और उनके कंकाल अभी भी पड़े हुए हैं

फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची हुई है। पशु विभाग के टीम ने पहुंचकर मृत गायों के शव के पीएम की तैयारी में है। वहीं ग्रामीण किसानों ने कहा है कि जब तक कोई उच्च अधिकारी नहीं आते तब तक किसी प्रकार मृत गायों को कुछ नहीं करने दिया जाएगा। सभी लोगों ने वहीं पर गायों की परमानेंट व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं राजस्व की टीम अब मृत गायों को गड्ढे में दबाने की तैयारी कर रहे हैं।

आपको बता दें कि क्षेत्र के किसानों द्वारा लगातार प्रशासन को गायों से फसलों को बचाने को लेकर ज्ञापन दिया गया। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की तो किसानों के द्वारा गायों को नर्सरी में कैद कर दिया गया। अब नर्सरी में चारे पानी के अभाव में गायों की मौत होने का सिलसिला जारी हो चुका है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रशासनिक व्यवस्था करने की बात कही है लेकिन देखना होगा कि प्रशासन आगे किस प्रकार का कदम उठाता है।

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