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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों को मिलेगा पेंशन? संविलियन से पहले की सेवा को मान्यता देने की मांग, सरकार से तत्काल आदेश की गुहार

बलरामपुर-छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में आज सैकड़ों की संख्या में शिक्षक संघ के पदाधिकारी और शिक्षक जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की किहाईकोर्ट  द्वारा पारित निर्णय के तहत शिक्षाकर्मी संविलियन से पूर्व की सेवा को पेंशन योग्य सेवा मानते हुए जल्द आदेश जारी किया जाए।

दरअसल छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018 में राज्य सरकार द्वारा शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया गया था। इस दौरान उनकी पूर्व में की गई सेवाओं की मान्यता समाप्त कर दी गई और ओल्ड पेंशन योजना लागू की गई। इसके बाद हजारों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उन्हें पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल सका। इस मुद्दे को लेकर टीचर्स एसोसिएशन ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए संबंधित मामलों पर पुनर्विचार कर स्पष्ट आदेश जारी करने और शिक्षकों को योजना का लाभ देने को कहा है। इसी निर्णय के अनुपालन की मांग को लेकर आज शिक्षक संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने बताया कि आज हम लोग अपनी पुरानी मांग को लेकर ज्ञापन सौंप रहे हैं। शिक्षाकर्मी बनने से पहले की गई हमारी सेवाओं को राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में संविलियन के दौरान अमान्य कर दिया जिसके कारण हजारों शिक्षक बिना पेंशन लाभ के ही सेवानिवृत्त हो गए। इस विषय में टीचर्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने पूर्व सेवाओं की गणना कर स्पष्ट आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसी को लेकर आज ज्ञापन सौंपा गया है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने कहा कि शिक्षक संघ द्वारा पूर्व सेवा की गणना करते हुए पेंशन देने की मांग की गई है। उनकी मांग को शासन स्तर पर तत्काल भेजा जाएगा। शासन अपने स्तर पर इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा।

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