रायपुर में प्रदर्शन कर रहे बर्खास्त बी.एड सहायक शिक्षक आज भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव बनकर सड़कों पर उतरे। रायपुर के बस स्टैंड से टिकरापारा शहीद भगत सिंह की प्रतिमा तक पैदल मार्च किया। फिर शहीदी दिवस पर भगत सिंह को नमन किया। रेली में हाथों में जंजीर,कैदी वाले कपड़े, और सामने तिरंगा थामे जब चलती भारत माता को लोगो ने देखा तो समझ नही पाए कियह दृश्य बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों की रैली का है। इस रैली में एक हजार से अधिक शिक्षक शामिल थे । सड़क पर एक लंबी सी कतार में चल रहे इन शिक्षकों को जिसने देखा रुककर देखता ही रहा गया। यह सभी शिक्षक सड़क पर इसलिए उतरे हैं, ताकि सरकार इन्हें नौकरी दे दे।

छत्तीसगढ़ के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड. प्रशिक्षित शिक्षक, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के चलते सेवा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।उसके बाद से ये सभी क्रमिक अनशन, सामूहिक उपवास, मशाल जुलूस और ज्ञापन सौंपने जैसे कई प्रदर्शन करते आ रहे है लेकिन इनकी कोई सुनने वाला नही है बर्खास्त शिक्षको का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार के पास अधिकार है कि वह इन शिक्षकों को अन्य पदों पर समायोजित करे, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कड़ी में आज भी बर्खास्त बी.एड सहायक शिक्षको ने रेली निकालकर प्रदर्शन किया ..
एंआज जब हाथों में जंजीर, कैदियों वाले कपड़े, सामने तिरंगा थामे भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव बनकर शिक्षक सड़कों पर उतरे तो देखने वालो का हुजूम लग गया झा रेली गुजरी हर व्यक्ति रुककर देखता ही रहा गया।बर्खास्त शिक्षक 3 महीने से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षकों की मांग है किBED धारकों का समायोजन किया जाए ताकि वह नौकरी से बाहर ना हो ,बिना समाधान नौकरी से निकल जाने का आदेश रोका जाए, कमेटी की समय सीमा तय की जाए ताकि फैसला लटकता ना रहे सालों की मेहनत को यूं बर्बाद ना किया जाए न्याय और सम्मान मिले, शिक्षकों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री और संबंधित अधिकारियों से कई बार बात की गई लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं समाधान नहीं

