छत्तीसगढ़

अगले माह चार ग्रह बदलेंगे चाल, 7 मार्च को बुध मीन में और शुक्र कुंभ में करेंगे प्रवेश..

वृष,मिथुन,तुला.वृश्यक और धनु राशि वालों को इस माह शुभ कार्यों में वृद्धि के साथ आर्थिक प्रगति मिलने की संभावना..

तिल्दा नेवरा- अगले माह मार्च में गृह और नक्षत्र के हिसाब से काफी खास होने वाला है।मार्च के महीने में चार बड़े ग्रह अपनी चाल बदलेंगे क्योंकि इस माह सूर्य. बुध. मंगल और शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन करने वाले हैं। वृक्ष और शनि ग्रह अस्त से उदित अवस्था में आएंगे।

ज्योतिष गणना के मुताबिक ग्रहण के राजकुमार बुद्ध सबसे पहले 7 मार्च को गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेंगे. जहां पर पहले से ही राहु ग्रह मौजूद है। इस तरह से बुद्ध और राहु ग्रह की राशि मीन में युति बनेगी।सात  मार्च को सुख और वैभव प्रदान करने वाले शुक्र कुंभ राशि में गोचर होंगे।शुक्र के गोचर से कुंभ राशि में शनि- शुक्र ग्रह दुग्रही बनेगा। 14 मार्च को सूर्य कुंभ राशि छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। जहां पर सूर्य बुध और राहु की मीन राशि में त्रिगही और बुधादित्य योग बनेगा।

इसी तरह 15 मार्च को मंगल कुंभ राशि में गोचर करेंगे,जहां शुक्र और शनि पहले से ही मौजूद है। 25 मार्च को बुद्ध का मेष राशि में और 31 मार्च को शुक्र का मीन राशि में गोचर होगा।

कब कौन सा ग्रह किस राशि में करेगा प्रवेश
7-मार्च बुध,मीन राशि में और शुक्र कुंभ राशि में प्रवेश करेगा

14-मार्च को सूर्य मीन राशि और 15 मार्च को मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेगा

25 मार्च बुद्ध मेष राशि और  31 मार्च शुक्र मीन राशि में प्रवेश करेगा

13 मार्च बुद्ध का मीन राशि में उदय 17 मार्च शनि का कुंभ राशि में उदय.

मौसम में उतार-चढ़ाव  देखने को मिलेगा

पंडित संतोष शर्मा ने बताया कि मार्च में चार बडे  ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे, इससे वृष, मिथुन, तुला, वृश्यक और धनु राशि वाली को इस माह शुभ कार्यों में वृद्धि के साथ आर्थिक प्रगति मिलने की संभावना है।बाकी जातकों के लिए मिले-जुले फल प्राप्त होंगे। वहीं 7 से 14 मार्च तक कुंभ राशि में और 14 से 25 मार्च तक कुंभ और मीन राशि में गही योग बनेंगे तीन-तीन ग्रहों का योग बनने से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

आचार्य पंडित पवन शास्त्री रीवा ने बताया कि चार बड़े ग्रह इस माह राशि गोचर करेंगे। ऐसे में ग्रहण के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करना चाहिए ।हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना करनी चाहिए महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती का पाठ भी करें।

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