रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव का हेलीकॉप्टर आज किस जिले में उतरेगा, अफसरों को इस बात की चिंता है। मुख्यमंत्री के शेड्यूल में सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक का समय सुशासन तिहार के समाधान शिविरों के लिए रखा गया है। यह किस जिले में होगा इसकी जानकारी जारी नहीं की गई है।खबर है कि मुख्यमंत्री अचानक तय करेंगे कि उन्हें किस जिले में पहुंचना है। इसके बाद वहां समाधान शिविर में शामिल होंगे और आम लोगों से मुलाकात करके सरकार के कामकाज का फीडबैक लेंगे। जिलों में मुख्यमंत्री आज समीक्षा बैठक भी करेंगे। वहां अफसरों से जिले की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी लेंगे।

एक दिन पहले सोमवार को CM ने इसी तरह सक्ती, जांजगीर और कोरबा जिले का दौरा किया था। जांजगीर जिले की समीक्षा बैठक में वो नाराज भी हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले में सड़क निर्माण के स्वीकृति प्रस्ताव पर देरी को लेकर नाराजगी जताई बैठक में CM ने दो टूक कह दिया कि जनहित के कामों में लापरवाही के लिए कलेक्टर, एसपी जिम्मेदार होंगे। गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ प्रदेश में सुशासन स्थापित करने का काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। सुशासन तिहार के दो चरण पूर्ण होने के बाद तीसरे चरण की शुरुआत सोमवार से हुई थी।उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में अच्छे काम हुए हैं, लेकिन इनकी गति और गुणवत्ता और बढ़ाने की जरूरत है। कलेक्टर, एसपी और अच्छा काम करें। अधिकारी ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण इलाकों का दौरा करें।
एंकर ]मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम जनता और जनप्रतिनिधियों से सहज बर्ताव करें। उन्होंने अधिकारियों को पूरे समर्पण के साथ ईमानदारी से अपने जिम्मेदारी का निर्वहन करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण बस सुविधा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी कलेक्टरों को जिलेवार रूट निर्धारण जल्द करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत स्वीकृत 47 हजार आवासों की धीमी प्रगति पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। अधिकारियों ने राजमिस्त्री और सेंटरिंग टीमों की कमी को प्रमुख कारण बताया गया।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण युवाओं को मिस्त्री का प्रशिक्षण देकर इस समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना तहत निशुल्क रेत आपूर्ति की व्यवस्था पहले से की गई है, जिसमें हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

