छत्तीसगढ़

पटवारी हड़ताल में बैठे,राजस्व का कामकाज प्रभावित

रायपुर। प्रदेशभर में आज से राजस्व संबंधी कार्य नहीं संपादित हो पाएंगे, क्योंकि आठ सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्व पटवारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस दौरान प्रदेशभर के चार हजार से ज्यादा पटवारी कलमबंद कर हड़ताल कर रहे हैं। इस दौरान तहसील स्तर और अनुविभागीय स्तर पर सभी पटवारी प्रदर्शन करेंगे। इनकी प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ोतरी, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, संसाधन एवं भत्ता, स्टेशनरी भत्ता आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसकी वजह से राजधानी सहित प्रदेशभर में राजस्व संबंधी कार्य नहीं हो पाएंगे। जिसमें प्रमुख रूप से नामांतरण, फौती, बंटवारा, त्रुटि सुधार, रिकार्ड दुरुस्तीकरण, नक्शा बटांकन आदि शामिल है।

राजस्व पटवारी संघ क्यों हैं हड़ताल पर-

– वेतन बढ़ोतरी

– वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति

– संसाधन एवं भत्ता

– स्टेशनरी भत्ता

– अन्य हल्के में अतिरिक्त प्रभार का भत्ता

– पटवारी भर्ती के लिए योग्यता स्नातक करने

– मुख्यालय निवस की बाध्यता की समाप्ति

– बिना विभागीय जांच एफआइआर दर्ज न हो

राजस्व पटवारी संघ पिछले कुछ महीनों से लगातार प्रदर्शन करता आ रहा है। इससे पूर्व 24 अप्रैल को पटवारी संघ द्वारा एकदिवसीय सांकेतिक हड़ताल की गई थी। जिसके बाद 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी थी। ऐसे में मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने की वजह से पटवारी हड़ताल पर चले गए हैं।

छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप का कहना है कि 2020 में भी शासन की ओर से मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए मांगें पूरी करने का आवश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मांगें पूरी नहीं हुई हैं। इसे लेकर हमने सांकेतिक प्रदर्शन भी किया था, फिर भी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। अब हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।

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