रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज होता नजर आ रहा है। कांग्रेस के SIR और चुनाव आयोग के विरोध को लेकर भाजपा ने कार्टून पोस्टर जारी कर विपक्ष पर निशाना साधा है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि SIR और चुनाव आयोग का विरोध कांग्रेस के लिए केवल बहाना है, जबकि उसका असली एजेंडा कुछ और है।

भाजपा के इस पोस्टर वार को प्रदेश में जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। वहीं, भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक नैरेटिव बताते हुए कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर दोनों दलों के बीच बहस तेज है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। दूसरी ओर, भाजपा का तर्क है कि मतदाता सूची की जांच और सुधार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है तथा इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
भाजपा ने आज 22 अक्टूबर से प्रदेश में ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़ तंत्र हटाओ’ अभियान शुरू करने की घोषणा भी की है। पार्टी इस अभियान के माध्यम से छात्रों, युवाओं, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों के बीच पहुंचकर SIR तथा चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखने की तैयारी में है।
पोस्टर के जरिए सियासी संदेश
कार्टून पोस्टर के माध्यम से भाजपा ने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक हमला किया है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे को लेकर विरोध की राजनीति की जा रही है। हालांकि, कांग्रेस के कथित असली एजेंडे को लेकर भाजपा की यह बात एक राजनीतिक आरोप है; इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, SIR का मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच नई बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच पोस्टर वार और बयानबाजी और तेज होने की संभावना है

