Homeछत्तीसगढ़ट्रेन में प्रसव पीड़ा, तिल्दा अस्पताल में बच्ची का जन्म; मां-बेटी को...

ट्रेन में प्रसव पीड़ा, तिल्दा अस्पताल में बच्ची का जन्म; मां-बेटी को मिला सुरक्षित आश्रय

तिल्दा-नेवरासफर के दौरान प्रसव पीड़ा से जूझती महिला ने तिल्दा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का पता नहीं चलने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मां-बेटी की देखभाल की जिम्मेदारी निभाई। अब दोनों को रायपुर के शंकर नगर स्थित नारी निकेतन में सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, 4 अक्टूबर को कुर्ला एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद उसे तिल्दा रेलवे स्टेशन पर उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसने सामान्य प्रसव से बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात को पांच दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।

मुंबई में परिजनों की तलाश, नहीं मिला सुराग

महिला की देखभाल और उसके परिजनों का पता लगाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर की अधिकार मित्र नव्या साहू ने उससे बातचीत की। इस दौरान महिला ने स्वयं को मुंबई के आरे क्षेत्र का निवासी बताया। इसके बाद आरे पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी से संपर्क कर परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। हालांकि, वहां महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं होने की जानकारी मिली। परिजनों का पता नहीं चलने के कारण मां और बच्ची की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की गई।

कई विभागों ने मिलकर निभाई जिम्मेदारी

इस पूरे मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भाटापारा जीआरपी, और स्वास्थ्य विभाग ने समन्वय के साथ कार्य किया। अधिकार मित्र नव्या साहू, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. उमा पैकरा और अस्पताल के कर्मचारियों ने मां-बेटी की देखभाल में सहयोग दिया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सचिव के मार्गदर्शन में की गई इस पहल के तहत मां और नवजात को रायपुर के शंकर नगर स्थित नारी निकेतन पहुंचाया गया, जहां उनके संरक्षण और आगे की देखभाल की व्यवस्था की गई है।

यह घटना संकट की घड़ी में मानवीय संवेदना और विभागीय समन्वय की अहमियत को सामने लाती है। अनजान सफर में प्रसव पीड़ा से शुरू हुआ यह कठिन दौर अब मां और नवजात के लिए सुरक्षित आश्रय मिलने के साथ राहत की दिशा में आगे बढ़ा है।

RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments