जगदलपुर। देश के बहुचर्चित और 13 साल पुराने झीरम घाटी नक्सली हमले मामले में एनआईए की विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने 10 आरोपियों प्रमिला मोडियम उर्फ ज्योति, चैतू लेकाम, सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम, मुक्का मंडावी, कवासी कोसा, आयता मडकम, मडकम देवा, जोगा मडकमी, बंजामी सना, महादेव नाग को 27 लोगों की हत्या और 15 लोगों के हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई गई। फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए आरोपियों को एक माह का समय दिया गया है।
उल्लेखनिय है कि 25 मई 2013 को सुकमा से लौट रही कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को दरभा थाना क्षेत्र की झीरम घाटी में नक्सलियों ने निशाना बनाया था। घात लगाकर किए गए इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों समेत 32 लोगों की मौत हुई थी। हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कई लोगों की जान गई थी। इस घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया था।

