तिल्दा नेवरा -शिक्षक दिवस पर तिल्दा-नेवरा पुलिस का एक अलग और सराहनीय रूप देखने को मिला। स्कूल में वर्दीधारी पुलिसकर्मी सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था संभालने नहीं, बल्कि ‘साइबर शिक्षक’ बनकर विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा का पाठ पढ़ाने पहुंचे। थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सरस्वती शिशु मंदिर सासहोली में पहुंचकर अलग-अलग कक्षाओं में विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें साइबर अपराधों से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी।
पुलिस टीम के बी एल देवांगन, पीएसआई, पी एस आई रानू साहू और आरक्षक किशोर शर्मा ने अलग-अलग कक्षाओं में शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को सरल भाषा में समझाया कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।

OTP बताया तो समझो खतरे की घंटी
पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाया कि OTP, ATM PIN, पासवर्ड, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी और अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान नंबर से आने वाले फोन, संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, अनजान APK फाइल और वीडियो कॉल के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड से भी सतर्क रहने की सलाह दी गई।
बच्चों को बताया गया कि मोबाइल में कोई भी एप्लीकेशन डाउनलोड करते समय सावधानी बरतें और एप केवल अधिकृत प्ले स्टोरया App स्टोरसे ही डाउनलोड करें। पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई अनजान व्यक्ति लालच, डर या जल्दबाजी पैदा कर उनसे जानकारी हासिल करने की कोशिश करे तो तत्काल अपने अभिभावकों या शिक्षकों को इसकी जानकारी दें।
बच्चों से कहा- घर जाकर माता-पिता को भी करें जागरूक
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को केवल स्वयं सुरक्षित रहने की सीख ही नहीं दी, बल्कि उन्हें साइबर जागरूकता के संदेशवाहक बनने के लिए भी प्रेरित किया। पुलिस ने कहा कि बच्चे घर जाकर अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी OTP, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से होने वाली ठगी के बारे में जानकारी दें।
साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। पुलिस ने बताया कि ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, रकम को रोकने की संभावना उतनी ही बेहतर हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी सहित थाना तिल्दा-नेवरा पुलिस टीम के जवान उपस्थित रहे। पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों के साथ सहज अंदाज में संवाद किया और उनके सवालों के जवाब देकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक दिवस पर पुलिस का यह अनूठा अंदाज विद्यार्थियों के लिए भी खास रहा। जहां आमतौर पर पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की भूमिका में नजर आते हैं, वहीं इस दिन उन्होंने शिक्षक बनकर बच्चों को साइबर अपराध से बचने का ज्ञान दिया।कार्यक्रम का समापन “साइबर शिक्षा से ही साइबर सुरक्षा” के संदेश के साथ हुआ

