तिल्दा-नेवरा। सावन के चौथे और अंतिम सोमवार पर तिल्दा-नेवरा शहर सहित आसपास का पूरा इलाका शिवभक्ति में डूबा नजर आया। शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर स्थित सोमनाथ धाम तक पूरी रात हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे। आधी रात के बाद हुई तेज बारिश के बावजूद कांवड़ियों की टोलियां लगातार सोमनाथ पहुंचती रहीं।
सुबह करीब 4 बजे श्रद्धालुओं ने शिवनाथ और खारून नदी के संगम स्थल पर आस्था की डुबकी लगाई और सोमनाथ के दिव्य शिवलिंग का जलाभिषेक किया। सुबह 8 बजे तक सोमनाथ धाम शिवभक्तों से पूरी तरह भर चुका था। भगवान शिव के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे।

बताया गया कि सोमवार को 10 हजार से अधिक शिवभक्त सोमनाथ पहुंचे। मंदिर परिसर के बाहर डीजे पर शिवभक्त घंटों तक झूमते और भगवान शिव की भक्ति में नाचते नजर आए। डाक कांवड़ लेकर पहुंचने वाले भक्तों के लिए सीधे शिवलिंग तक पहुंचने की विशेष व्यवस्था की गई थी।
शिवभक्तों की सेवा के लिए समाजसेवियों ने भी मोर्चा संभाले रखा। जगह-जगह नाश्ता, पानी, फल, चाय और भोजन की व्यवस्था की गई। शाम 5 बजे तक मंदिर के बाहर सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
तिल्दा-नेवरा शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
सोमनाथ के दिव्य शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि यह तिल-तिल करके लगातार ऊंचा हो रहा है। यही वजह है कि तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में सोमनाथ को आस्था का प्रमुख केंद्र और क्षेत्र की काशी के रूप में भी श्रद्धा से देखा जाता है। सावन के अंतिम सोमवार पर उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर सोमनाथ की धार्मिक आस्था और शिवभक्ति की विशाल तस्वीर सामने रख दी।

