इंदर कोटवानी
बालोद ..हत्या… हत्या… और सिर्फ हत्या…!कहीं भाई, भाई का कातिल बन रहा है… कहीं पति, पत्नी का दुश्मन… कहीं पत्नी, पति की जान ले रही है… तो कहीं दोस्त ही दोस्त का खून कर रहा है। रिश्तों में भरोसा खत्म हो रहा है और उसकी जगह ले रही है नफरत, गुस्सा और खौफ। तजा मामला छत्तीसगढ़ के बालोद से आई एक वारदात ने हर किसी को झकझोर दिया है। यहां एक महिला ने अपने पति की दूसरी पत्नी को इतनी बेरहमी से मौत के घाट उतारा कि देखने वालों की भी रूह कांप गई।
..बालोद जिले के नेवारीकला गांव में एक ही घर में रहने वाली दो महिलाओं के बीच वर्षों से चल रही रंजिश आखिर खूनी अंजाम तक पहुंच गई।पुलिस के मुताबिक, पहली पत्नी अमृत बाई अपने पति द्वारा दूसरी पत्नी दयाबाई को घर में रखने और उसे अधिक महत्व देने से नाराज थी। इसी नाराजगी ने धीरे-धीरे हत्या की साजिश का रूप ले लिया।
सोमवार देर रात जब पूरा परिवार सो गया, तब आरोपी महिला ने सो रही दयाबाई पर पहले खाट के लकड़ी के पाए से गर्दन पर कई वार किए। इसके बाद गन्ना काटने वाली आरी से गला काट दिया।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खेत पहुंची, खून से सनी साड़ी बदली और तड़के फिर घर लौट आई ताकि किसी को उस पर शक न हो।
सुबह गांव के कोटवार मौके पर पहुंचे तो दयाबाई का शव खून से लथपथ खाट पर पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक और साइबर टीम ने घटनास्थल पहुंचकर हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का पाया और आरी जब्त कर ली।जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब छह महीने से इस हत्या की योजना बना रही थी।
पुलिस ने आरोपी अमृत बाई को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पारिवारिक विवाद और पति की दूसरी पत्नी को लेकर लंबे समय से चल रही नाराजगी हत्या की मुख्य वजह बताई जा रही है।। मामले की आगे की जांच जारी है।
“एक ही घर… एक ही परिवार… लेकिन रिश्तों में ऐसा ज़हर घुला कि आखिरकार एक महिला की जान चली गई। सवाल सिर्फ इस हत्या का नहीं है, सवाल उन रिश्तों का है जो अब संवाद से नहीं, बल्कि हिंसा से खत्म किए जा रहे हैं। क्या समाज में बढ़ता गुस्सा और टूटते रिश्ते हमें एक खतरनाक दौर की ओर ले जा रहे हैं? यह सवाल हम सबके सामने खड़ा है।”

