तिल्दा-नेवरा। ग्राम अल्दा और देवरी में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं के लिए कथित रूप से अवैध तरीके से जारी किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के खिलाफ कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। कांग्रेस नेताओं और दोनों गांवों के ग्रामीणों ने दोषी सरपंच-सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर थाना घेराव का निर्णय लिया है। इस आंदोलन में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल होंगे।
कांग्रेस के अनुसार ग्राम अल्दा में एक वर्ष पूर्व आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रस्तावित प्लांट का विरोध किया था और किसी भी ग्रामीण ने परियोजना के समर्थन में अपनी सहमति नहीं दी थी। इसके बावजूद तत्कालीन सरपंच और सचिव पर पंचायत अभिलेखों में कथित हेरफेर कर कंपनी के पक्ष में एनओसी जारी करने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, लेकिन अब तक दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इसी प्रकार ग्राम देवरी में भी ग्रामीणों और ग्रामसभा के विरोध के बावजूद कथित रूप से एनओसी जारी किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि विरोध करने वालों पर कार्रवाई की गई, जबकि वास्तविक दोषियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अजितेश शर्मा,ग्रामीण अध्यक्ष बलदाऊ साहू ने बताया कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से दोपहर 12 बजे दीनदयाल चौक पहुंचने की अपील की है।
थाना घेराव कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा रायपुर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू नामदेव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी सहित कई प्रमुख नेता शामिल होंगे।
दूसरी ओर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आसपास के थानों से भी जवान बुलाए गए हैं। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाले प्रदर्शन और प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।अल्दा और देवरी के ग्रामीणों की लड़ाई अब सियासी रंग ले चुकी है। भूपेश बघेल की मौजूदगी में होने वाला यह घेराव प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है

