रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 21 जून को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं। अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के विशेष प्रशिक्षण शिविर में वे हाल ही में नियुक्त 41 जिलाध्यक्षों को संगठन मजबूत करने का मंत्र देंगे। करीब तीन साल बाद राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखे हमले किए हैं।
प्रदेश कांग्रेस द्वारा 20 से 29 जून तक अभनपुर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान उन्हें संगठनात्मक लक्ष्य, बूथ स्तर तक पार्टी विस्तार, जनसंपर्क अभियान और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत सक्रिय कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपने की भी तैयारी है।
दूसरी ओर राहुल गांधी के दौरे को लेकर भाजपा ने भी निशाना साधा है छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां कांग्रेस का बंटाधार हो जाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ का भी एक-दो बार और दौरा करना चाहिए, जिससे यहां कांग्रेस की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले जैसे कई भ्रष्टाचार किए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अपने शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए कांग्रेस नेताओं को राहुल गांधी का स्वागत “शराब से पैर धोकर” करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी उद्देश्य से यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में छत्तीसगढ़ के 41 जिलाध्यक्षों के साथ ओडिशा के जिलाध्यक्षों को भी शामिल करने की योजना है। कार्यक्रम का प्रस्ताव कांग्रेस हाईकमान को भेजा गया है और अंतिम स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और शशिकांत सेंथिल समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
राहुल गांधी जिलाध्यक्षों से वन-टू-वन चर्चा कर उनके जिलों की सामाजिक, राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति की रिपोर्ट लेंगे। साथ ही सरकार के खिलाफ जनआंदोलन, मीडिया मैनेजमेंट, सोशल मीडिया कैंपेन और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस के लिए संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है, वहीं भाजपा इसे लेकर लगातार राजनीतिक हमले कर रही है। ऐसे में अभनपुर का यह प्रशिक्षण शिविर प्रदेश की सियासत में नई बहस और नई रणनीतियों का केंद्र बनने जा रहा ह

