ग्राम अल्दा में आयोजित किसान महापंचायत में हजारों की संख्या में किसान, महिलाएं और ग्रामीण जुटे। मंच से ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि वे अपने गांव में स्पंज आयरन फैक्ट्री नहीं खुलने देंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से वे आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने आरोप लगाया कि पंचायत प्रस्ताव में कथित रूप से हेरफेर कर अतिरिक्त लाइनें जोड़ी गईं और उसी आधार पर एनओसी जारी कर जनसुनवाई कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई में किसी ने भी फैक्ट्री के समर्थन में अपनी बात नहीं रखी, बावजूद इसके उद्योग स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
देवरी के ग्रामीणों ने भी जनसुनवाई प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि विरोध करने वाले लोगों को पुलिस द्वारा थाने ले जाया गया ताकि जनसुनवाई बिना विरोध के पूरी कराई जा सके। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले जल स्रोतों का पानी उद्योग को देने की तैयारी की जा रही है।
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महापंचायत में हसदेव जंगल सेनानी आलोक शुक्ला ने भी ग्रामीणों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि एकजुट संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
हसदेव सेनानी ..का भाषण
अल्दा और देवरी में प्रस्तावित स्पंज आयरन उद्योग को लेकर विरोध अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। एक ओर ग्रामीण अपनी जमीन, पानी और पर्यावरण की रक्षा की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार ग्रामीणों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। कैमरा पर्सन nirj के साथ… मुकेश कोटवानी _vcn टाइम्स तिल्दा
सभा को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि अल्दा में प्रस्तावित स्पंज आयरन फैक्ट्री के लिए फर्जी पंचायत प्रस्ताव तैयार किए गए हैं तथा विरोध करने वाले ग्रामीणों पर झूठे प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जमीन, जल और पर्यावरण की रक्षा के लिए उठ रही ग्रामीणों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि यह लड़ाई अब पूरे क्षेत्र की लड़ाई बन चुकी है और इसे मिलकर लड़ा जाएगा।
महापंचायत के मंच पर विराजित भूपेश बघेल के सामने सर्वप्रथम ग्रामीणों ने स्पंज आयरन फैक्ट्री विरोध करते हुए कहा कि हम गांव में फैक्ट्री नहीं खुलने देंगे। ग्रामीणों ने कहा इसके लिए हम पिछले 1 साल से आंदोलन करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विरोध करने पर प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक भाजपा नेता के दबाव में पंचायत प्रस्ताव में अतिरिक्त पंक्तियां जोड़कर एनओसी जारी की गई और बाद में कथित रूप से जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई, जबकि जनसुनवाई में किसी भी ग्रामीण ने फैक्ट्री के समर्थन में अपनी सहमति नहीं दी।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत रजिस्टर में कूटरचना कराने वालों के खिलाफ थाने में शिकायत देने और घेराव करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके विपरीत आंदोलन में शामिल लोगों को ही परेशान किया जा रहा है।
ग्राम देवरी के ग्रामीणों ने भी महापंचायत में अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि जनसुनवाई के दौरान विरोध कर रहे लोगों को पुलिस द्वारा जबरन बसों में बैठाकर थाने ले जाया गया, ताकि वे अपनी आपत्ति दर्ज न करा सकें। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन और पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि समोदा से कुम्हारी जलाशय तक लाए जाने वाले पानी को प्रस्तावित उद्योग को देने की तैयारी की जा रही है, जिसका वे पुरजोर विरोध करेंगे।
ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि नियमों के अनुसार जलाशयों का पानी पहले किसानों और सिंचाई के लिए उपयोग किया जाना चाहिए, उसके बाद ही अन्य किसी कार्य या उद्योगों को पानी देने का प्रावधान है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी इच्छा के विरुद्ध फैक्ट्री नहीं खुलने दी जाएगी। उन्होंने पंचायत रजिस्टर में कथित कूटरचना करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि हम इस आन्दोलन का विस्तार थाना का घेराव से करंगे ..भूपेश ने महापंचायत से कहा थाना gheravका अल्टीमेटम लिए
आवश्यकता पड़ी तो महापंचायत के बैनर तले बड़ा आंदोलन किया जाएगा और वे स्वयं भी थाने के घेराव में शामिल होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार खेती-किसानी को मजबूत करने के बजाय उद्योगों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने खाद, यूरिया, डीएपी और बढ़ती महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसान आज कई समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से आंदोलन जारी रखने और विरोध करने वाले जनप्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक तरीके से बहिष्कार करने का आह्वान किया।
महापंचायत में हसदेव जंगल बचाओ आंदोलन से जुड़े पर्यावरण कार्यकर्ता आलोक शुक्ला ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिस एकजुटता के साथ ग्रामीण अपने अधिकारों और पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वह निश्चित रूप से रंग लाएगा। महापंचायत को शैलेश नितिन त्रिवेदीने भी स्भोधित किया .
महापंचायत में क्षेत्र के 15 से 20 गांवों से हजारों किसान, महिलाएं और ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी, भाटापारा विधायक इंद्र कुमार साव, पूर्व विधायक जनक राम वर्मा.जिला कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू नामदेव, पूर्व जिला अध्यक्ष उधो राम वर्मा, दाससाहू, राहुल तेजवानी, अजितेश शर्मा, पूर्व विधायक अनीता शर्मा, बसंत आडिल,ओम ठाकुर,सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

