तिल्दा-नेवरा –आज के आधुनिक दौर में जहां लोग मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में उलझते जा रहे हैं, वहीं पहुना सेतु वेलफेयर फाउंडेशन ने एक ऐसी अनोखी पहल कर पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता, सेवा और इंसानियत की नई मिसाल पेश की है। फाउंडेशन द्वारा आयोजित “चहकती पहल अभियान” का भव्य समापन रविवार को किया गया।
15 मई से 20 मई तक चले इस अभियान में कुल 63 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। फाउंडेशन का यह पहला प्रयास था, लेकिन लोगों की सहभागिता और भावनात्मक जुड़ाव ने इसे एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया।अभियान के दौरान बच्चों, युवाओं, महिलाओं और परिवारों ने पशु-पक्षियों एवं प्रकृति के प्रति अपने प्रेम को अनोखे तरीके से प्रस्तुत किया। किसी ने पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की, तो किसी ने भीषण गर्मी में मूक जीवों के लिए पानी के पात्र रखे। वहीं कई प्रतिभागियों ने पौधारोपण और गौसेवा कर समाज को संवेदनशील संदेश दिया। प्रतिभागियों द्वारा भेजे गए फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी सराहे गए।
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि यह केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के दिलों को जोड़ने का माध्यम बन गया। कई प्रतिभागियों ने कहा कि पहली बार किसी ऐसे अभियान में भाग लेने का अवसर मिला, जहां सेवा के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी महसूस हुआ।
समापन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम एवं द्वितीय स्थान के लिए नगद पुरस्कार, सम्मान एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके सेवा भाव की सराहना की गई।कार्यक्रम में सोनू शर्मा, डोमर साहू, दुर्गा साहू, रोहिणी, हीना, गुंजन वर्मा, आकाश वर्मा, चिंटू एवं मुस्कान विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि “चहकती पहल अभियान” का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना था कि यदि हर व्यक्ति अपने आसपास के पशु-पक्षियों और प्रकृति के लिए छोटा-सा कदम भी उठाए, तो बड़ा बदलाव संभव है। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने फाउंडेशन की इस पहल की जमकर सराहना की और भविष्य में भी इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने की मांग की।

