सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा के दौरे ने जमीनी हकीकत की कई परतें खोल दी हैं। जहां एक ओर कागजों में व्यवस्थाएं दुरुस्त बताई जा रही थीं, वहीं हकीकत में गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं सामने आईं। संदीप शर्मा के निरीक्षण में सबसे बड़ा मामला ओडगी नगर की उचित मूल्य दुकान से सामने आया, जहां करीब 400 बोरा चावल अतिरिक्त पाया गया। इतना ही नहीं, यहां हितग्राहियों से तीन महीने का अंगूठा लगवाकर केवल एक महीने का राशन देने का गंभीर खेल चल रहा था।
इस खुलासे के बाद आयोग के अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित दुकान संचालक एजेंसी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जिन हितग्राहियों को पूरा राशन नहीं मिला है, उन्हें बाकी दो महीने का चावल तुरंत वितरित करने को कहा गया। वहीं अन्य दुकानों में भी चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, जिसके सैंपल लेकर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति भी चिंताजनक मिली। ओडगी के एक केंद्र में जहां मौके पर 5 बच्चे मौजूद थे, वहीं पोषण ट्रैकर में 20 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई। इस गंभीर गड़बड़ी पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। सबसे बड़ी बात यह है कि महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विधानसभा क्षेत्र में ऐसी गड़बड़ी सामने आई है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साफ तौर पर कहा जाए तो इस दौरे ने जिले की व्यवस्थाओं की वास्तविकता उजागर कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन खामियों को दूर करने के लिए कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।

