तिल्दा नेवरा -तिल्दा में रायपुर खनिज खनिज विभाग ने अवैध रेत का अवैध परिवहन करते हुए 8 हाईवा जप्त किए है ।सभी ज़ब्त वाहनों को तिल्दा थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है। कलेक्टर रायपुर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसी कार्रवाई निरंतर की जाए, ताकि अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।इस कार्रवाई के बाद भी अवैध रेटत परिवहन का काम तेजी से चल रहा है। चर्चा है कि जब भी विधानसभा का सत्र शुरू होता है माइनिंग विभाग के द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जाती है।
तिल्दा नेवरा क्षेत्र में कोई रेत खदान नहीं है।बावजूद प्रतिदिन 200 से भी अधिक वाहन बिना रायल्टी पर्ची परिवहन परिपत्र के रेत भरकर बेखौफ निकलते हैं। शाम होने के बाद तो रेत भरी वाहनों का रेला निकलता है। रेत आरंग और बलौदा बाजार क्षेत्र से हाईवा और अन्य वाहन भरकर बेमेतरा जिला ले जाते हैं।

के साथ-साथ कई लोग मुरम का अवैध उत्खनन कर वाहनों से सप्लाई करते हैं। ऐसा नहीं अवैध रूप से किए जा रहे मुरम उत्खनन की जानकारी माइनिग विभाग को नहीं है। विभाग के अधिकारियों को सारी जानकारी होती है कि कहा अवैध उत्खनन हो रहा !कौन उत्खनन करवा रहा है ।किस गांव-में किस जगह उत्खनन किया जा रहा है। यह सब माइनिग अधिकारियो की मिली भगत से होता है ।इसके एवज में अधिकारियों को एक फिक्स बंधी रकम पहुंचा दी जाती है।
अभी भी तिल्दा के कोहका घुलघुल ग्राम पंचायत और देवरी ग्राम पंचायत, के साथ जंजगीरा ग्राम पंचायत,सिनोधा सहित क्षेत्र एक दर्जन से अधिकगावो में मुरूम का अवैध उत्खनन बेधड़क किया जा रहा है। धरती की छाती को पोकलेन से चीरकर बड़े-बड़े गड्ढे बना दिए गए हैं। 2 दिन पहले जब तिल्दा से जब अवैध रूप से रेत भरकर गुजर रही हाईवा वाहनों को रोककर माइनिग विभाग द्वारा करवाई शुरू की गई तो इसकी जानकारी लोकल स्तर पर अवैध रूप से रेत माफिया को पहले से ही कर दी गई थी। चुकि कार्रवाई शुरू होते हि रेत गिट्टी मुरुम से भारी गाड़ियो का आना जाना अचानक बंद हो गया।कार्रवाई के बंद होते हीफिर से रेत से भरे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई । ऐसे भी रेत माफियाओजिनकी पहुंच ऊपर तक होती है,जिसके कारण उनकी गाड़ियों पर माइनिग विभाग हो या पलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
पिछले दो दिनों से अवैध रूप परिवहन के जुर्म में जप्त कर थाने में खड़ी वाहन चालकों ने बताया कि अभी भी प्रतिदिन 150 से अधिक हाईवा रेत का परिवहन किया जा रहा है। इस संबंध में जब माइनिंग विभाग के एक अधिकारी से पूछा गया कि जप्त की गई गाड़ियों पर क्या कार्रवाई की गई है, तो उन्होंनेकहा कि मैं बताने के लिए अधिकृत नहीं हूं। उनसे जब पूछा गया कि इस इलाके में हो रहे अवैध मुरूम उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। तो वही रटा रटाया जवाब दिया कि इस बारे में मेरे अधिकारी ही बता सकते हैं। फिलहाल जप्त किए गए रेत से भारी वाहन थाना परिसर में खड़े कर दिए गए हैं।
तिल्दा क्षेत्र में अवैध उत्खनन करने वाले कई गिरोह सक्रिय है। गिरोह से जुड़े लोग माइनिंग विभाग के अधिकारियों से मिलकर करोडो रुपए की प्रति माह रॉयल्टी चोरी करते हैं। शिकायत करने पर अधिकारी पहले ही किस धंधे से जुड़े लोगों को सूचना दे देते हैं। यही कारण है कि लोग चाह कर भी इसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं देते हैं। आरंग और बलौदा बाजार क्षेत्रके साथ अन्य घाटों से अवैध रेत भरकर गुजरने वाली वहां 6 से भी अधिक थानों को पर करते हुए निकलते हैं। बावजूद किसी थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है।

