छत्तीसगढ़

कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ:तिल्दा नेवरा का बीएनबी मैदान बना अयोध्या धाम’

 रामचरित महान ग्रंथ है,इसे सुने बिना कल्याण नही हो सकता :देवी चंद्रकला

तिल्दा नेवरा;स्वर्गीय सोमचंद वर्मा स्मृति फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय राम कथा का शुभारंभ मांघी पूर्णिमा के पावन पर्व रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ नेवरा के बी.एन.बी हाई स्कूल मैदान में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर किया गया। 1 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित राम कथा अयोध्या से पधारी विदुषी दीदी चंद्रकला के श्रीमुख से श्रोता प्रतिदिन रसपान करेंगे।

कथा व्यास मानस विदुषी दीदी देवी श्री चंद्रकला ने कथा के प्रथम दिवस पर श्री रामचरित मानस ग्रंथ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाबा गोस्वामी तुलसीदास के जीवन प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि मानस वह दर्पण है, जो मनुष्य के अंतर्मन और चरित्र को शुद्ध करता है। उन्होंने रत्नावली के उस प्रेरक प्रसंग को भी साझा किया जिसने तुलसीदास को महाकवि बना दिया।

दीदी ने कथा में एक सुन्दर प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब जंगल में आग लगती है तो सारे जानवर जंगल से बाहर भाग जाते हैं। लेकिन जंगल में रहने वाला गजराज हाथी जंगल से बाहर नहीं भागता  वह जंगल के अंदर बने सरोवर के पास चला जाता है या पास किसी नदी  के पास जाकर रहता है । वह जानता है कि वह तेज भाग नहीं सकता। ऐसा ही हर मनुष्य को सोचना चाहिए कि हम आखिर भाग कर कहां जाएंगे  कब तक जाएंगे । भागने वाले को भगवान नहीं मिलता है। जो भक्त सच्ची भावना से भगवान का नाम लेते हैं उसका नाम जपते हैं चाहे वह कथा में जाए या घर में बैठकर भगवान को पुकारे तो भगवान उनके घर भी पहुंच जाता है।

 

हाथी को पता रहता है कि भागने से कुछ नहीं होगा उसको विश्वास था कि सरोवर के पास रहेंगे तो आग उनके सामने नहीं पहुंच सकती । ठीक उसी प्रकार जो प्रभु को याद करेंगे उसके ऊपर कष्ट नहीं आ सकता,बशर्ते भक्त की भावना सच्ची हो।

इस दौरान दीदी चंद्रकला ने संगीत मय मधुर भजन सुनाया ‘ काम करते रहो’ नाम जपते रहो’ वक्त यूं ही जीवन का निकल जाएगा’ इस भजन श्रद्धालु तली बजकर नाचते रहे.। उन्होंने कहा प्रेम के तीन स्वरूप है उनमें एक राम दूसरा है अनुराग और तीसरा है वैराग्य जो राम को मेगा उसका भवसागर पर हो जाएगा अनुराग और वैराग्य में मनुष्य भट्ट रहेगा दीदी ने कहा कि राम मानस वह ग्रंथ है जिसमें सब समाहित है राम मन सुने बिना कल्याण नहीं हो सकता रहेगा

भक्तों की भारी उपस्थिति और भक्तिमय माहौल को देखकर दीदी चंद्रकला ने कहा कि तिल्दा नेवरा का यह मैदान आज साक्षात अयोध्या धाम जैसा प्रतीत हो रहा है। प्रथम दिन की महाआरती में मंत्री टंक राम वर्मा बड़े हि सादगी के साथ शामिल हुए .आरती में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति और बड़ी सख्या में युवा सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आगामी 6 दिनों की कथा  में प्रभु श्री राम की बाल लीला, राम जन्म उत्सव और धनुष यज्ञ जैसे प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। फाउंडेशन ने समस्त क्षेत्रवासियों से इस ‘ज्ञान गंगा’ में सपरिवार शामिल होने की अपील की है।

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