तिल्दा नेवरा -तिल्दा नेवरा में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर किसान का गुस्सा फूट पड़ा। टोकन के लिए बार बार चक्कर काटने व अधिकारियो से शिकायत करने के बाद भी जब धान बिक्री के लिए टोकन जारी नहीं किया गया तो किसान नाराज हो गया और अपने बेटो के साथ धान खरीदी केंद्र के गेट पर धरना देकर बैठ गया.गेट पर बैठने से धान लेकर आए अन्य किसानो की गाडियों की लंबी लाइन लग गई ..बाद में धान खरीदने का आश्वासन देकर किसान व उनके बेटो को धरना स्थल से हत्या गया ,तब जाकर दुसरे किसानो के धान से भरी गाडियों को अंदर कर उनके धान की तौलाईशुरू की गई ..पूरा मामला तिल्दा के छ्तौद धान खरीदी केंद्र का है

जानकारी के मुताबिक छ्तौद निवासी रघुनंदन वर्मा किसान ने बताया कि उसको पहले टोकन मिला था उसके एवज में वह अपना धान सोसाइटी में बेच चुका है.. जब वह दूसरे टोकन के लिए पहुंचा तो उसे निर्धारित मात्रा से 63 क्विंटल कम का टोकन दिया गया. बचत धान का तीसरा टोकन कटाने की ब्बत किसान से खी गई .उसके बाद वह लगातार समिति का चक्कर काटता रहा लेकिन बचत वाला टोकन उसे नहीं मिला. टोकन नहीं मिलने की शिकायत उन्होंने तहसीलदार तिल्दा और एसडीएम से भी मिलकर की गई थी .लेकिन उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया गया, मंगलवार को रघुनंदन वर्मा सुबह अपने बेटे अमित वर्मा के साथ धान खरीदी केंद्र पहुंचा और गेट पर धरना देकर बैठ गया. उसके साथ गांव के और आठ किसान जो टोकन को लेकर परेशान है, बे भी धरने पर बैठ गए .

उधर जब इसकी जानकारी प्रशासन को हुई तो हड़कंप मच गया.किसानों के गेट पर धरना देकर बैठ जाने से अन्य किसान जिनका टोकन कट चुका था वे किसान ट्रैक्टर व अन्य वाहनों में धान लेकर खरीदी केंद्र आए थे लेकिन अंदर नहीं जा पाने के कारण वहां उनके गाड़ियों की लंबी कतार लग गई.किसानो के द्वारा धरना दिए जाने की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेसी नेता ओम ठाकुर तत्काल मौके पर पहुंच गए.वही कुछ देर के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी भी काफिले के साथ मौके पर पहुंच गए थे और किसानों का समर्थन करते शासन के विरोध में नारेबाजी करने लगे.. स्थिति बिगड़ती देख तहसीलदार और तिल्दा थाने का स्टाफ लगभग 2 घंटे के बाद मौके पर पहुंचे और नाराज किसानों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने. हालांकि बाद में किसानों को ठोस आश्वासन दिया गया कि उनको टोकन दिया जाएगा और उनकी नियमा अनुसार धान की खरीदी की जाएगी, तब जाकर किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया.
मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी ने भी स्वीकार किया की कुछ किसानों को टोकन नही मिला है उसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को अवगत करा दी है साथ ही खाद्य विभाग को भी इसकी जानकारी दी गई है .उन्होंने कहा कि जल्द ही इसका निराकरण कर लिया जाएगा. जबकि धान खरीदी के लिए मात्र दो दिन का समय हि बचा है.किसानों का कहना है कि उनके सभी दस्तावेज, पंजीयन और रिकॉर्ड सही होने के बावजूद शेष धान की बिक्री के लिए दूसरा टोकन नहीं काटा जा रहा है। इससे किसान मानसिक तनाव के साथ-साथ गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।कांग्रेस नेता शेलेश नितिन ने चेतावनी दी है कि यदि किसानो को टोकन जारी कर धान खरीदी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

