सांसद प्रमोद तिवारी का दावा; कहा-5 राज्यों के चुनाव में भी साफ होगी भाजपा

वीसीएन टाइम्स
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राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि मैं पंंडित हूं और मैंने कुंडली दिखवा ली है कि अब यूपी में बीजेपी नहीं आने वाली, क्योंकि बीजेपी के जीतने के योग नहीं है। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) के चुनावों में भी बीजेपी पूरी तरह साफ हो रही है।

केन्द्र की मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने और संसद भवन के उद्घाटन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है। इसी कड़ी में सांसद प्रमोद तिवारी रायपुर पहुंचे और यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा की है।

तिवारी ने कहा कि रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन होने वाला है और भारत का दुर्भाग्य होगा की जो सदन की मुखिया है, वही यहां मौजूद नहीं रहेंगी। ये डॉ.अंबेडकर के संविधान का अपमान होगा। सदन के मुखिया का जो अधिकार है, जो देश का प्रथम नागरिक हैं।

उन्होंने कहा कि अनुरोध के बावजूद राष्ट्रपति से उद्घाटन नहीं कराया जा रहा है। एक ऐसा राजा यहां है, जो अपने साथ किसी की फोटो पसंद नहीं करता, किसी और का नाम अंकित हो यह उन्हें पसंद नहीं। प्रमोद तिवारी ने कहा कि राष्ट्रपति आदिवासी महिला हैं और ये उनका अपमान है।

हम ना भागीदार बनेंगे,ना साझेदार
संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होने की बात को लेकर प्रमोद तिवारी ने कहा कि राष्ट्रपति स्वस्थ हैं, देश में हैं, लेकिन उन्हें नहीं बुलाया जा रहा है। ना हम राष्ट्रपति के अपमान के भागीदार बनेंगे और न ही साझेदार। तिवारी ने कहा हम कर्नाटक में अकेले लड़े हैं, हम अब आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को 100 सीटों से नीचे समेटेंगे।

कांग्रेस ने मोदी सरकार से पूछे 9 सवाल

केन्द्र की मोदी सरकार के 9 साल पूरे हो रहे हैं। इन 9 सालों को लेकर कांग्रेस ने 9 सवाल पूछे हैं। इन सवालों पर आधारित एक किताब का भी विमोचन आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया है।

1-आर्थिक विषमताएं क्यों बढ़ रही है? अमीर, अमीर हुआ गरीब और गरीब क्यों हुआ? 2-पिछले 9 सालों में किसानों की आय दोगुनी क्यों नही हुई? 3-अपने 2 मित्रों के लिए देश कुर्बान कर दिया, LIC का पैसा कहां चला गया? 4-चीन आज भी हमारी जमीन पर कब्जा कर बैठा है? 5-चुनावी फायदे के लिए बंटवारे की राजनीति क्यों हो रही? 6-जाति जनगणना की मांग को नजरअंदाज क्यों कर रहे? 7-विपक्षी दलों और नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई क्यों कि जा रही है? 8-मनरेगा जैसी जनकल्याण की योजनाओं को कमजोर क्यों किया जा रहा? 9-कोरोना में 40 लाख मौत के बाद भी उनके परिवारों को मुआवजा देने से मना कर दिया गया?

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