तिल्दा नेवरा में भूमाफियाओं के द्वारा किसान राइस मिल की करोड़ों की बेशकीमती 6 एकड़ जमीन पर कब्जा करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। कब्जा करने की शिकायत तिल्दा एसडीएम से की गई है लेकिन उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है । अब तो कब्जा करने वाले किसान राइस मिल के गेट में लगे ताला को तोड़कर जमीन पर कब्जा करने के लिए खुलेआम मुरूम से भरे डंपर ले जा रहे है.. सबसे बड़ी बात तो यह है कि किसान राइस मिल के अधिकारी के द्वारा मिल के गेट का ताला तोड़े जाने की तिल्दा नेवरा पुलिस थाना में लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। दरअसल कब्जा करने वाले लोग पहुच वाले है ।उधर राईस मिल की जमीन पर खुलेआम हो रहे कब्जा होते देख वार्ड वासियों में भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि गरीबो के 500 फीट जमीन बने झोपड़ो और कच्चे मकानों को नगर पालिका ,और तहसील प्रशासंन के द्वारा अवैध करार देकर गिरा दिया जाता है . और दबंगों द्वारा करोड़ों की छह एकड़ जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।उसके बाद भी प्रशासन मौन है ..

जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 3 में सरकारी किसान राइस मिल 50 साल से भी अधिक समय से स्थापित है।राईस मिल की लगभग 6 एकड़ जमीन पड़ी हुई है।पहले नूतन राइस मिल के नाम से जाने जाने वाली प्रदेश की किसान राइस मिलों को संचालित करने में सरकार को घाटा होने के कारण मिलो में ताले लगा दिए गए है।तिल्दा की किसान राइस मिल भी बंद पड़ी हुई है और गेट में ताला लगा हुआ हैं।पहले मिलो की जिम्मेदारीकिसान समितियों के द्वारा की जाती थी , सरकार ने अब इसके देखरेख की जिम्मेवारी सहकारी विपणन समितियों की दी है.

तिल्दा राईस मिल के परिसमापक अधिकारी अरविंद गोयल ने बताया कि मिल शहर के बीचो-बीच होने के कारण भूमाफियाओ की नजर जमिल की खाली पड़ी जमीन जिसका भूखंड खसरा नंबर 187]2 है पर नजर लगी हुई है। और कई बार में गेट के ताले तोड़कर कब्जा करने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि ताले तोड़ने की लिखित शिकायत तिल्दा थाने में की जा चुकी है, लेकिन पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गोयल ने यह भी बताया कि मिल में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए थे .जो चोरी कर लिए गए हैं। और वर्तमान में अभी एक नेता के द्वारा, शहर में गलत कार्य करने वाले एक व्यक्ति के साथ मिलकर मिल के पीछे की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 में जब लोगों के द्वारा अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया था तो कलेक्टर से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई थी। लेकिन 10 महीने गुजर जाने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

उन्होंने हरिभूमि को कुछ फोटो ग्राफ्स उपलब्ध कराए हैं ,जिसमें एक नकाबपोश व्यक्ति गेट का ताला तोड़ते हुए साफ दिख रहा है। अरविंद गोयल ने बताया कि कुछ दिन पहले जब उसे जमीन पर कब्जा किए जाने की जानकारी मिली तो वह दौड़ा-दौड़ा मिल पहुंचा जहां कुछ मुरूम से भरे डंपर जमीन पर मुरुम डालते हुए दिखे रोकने पर पहले तो उन्होंने धमकी देते हुए अपने आप को बड़ा नेता बताया लेकिन जब थाने में रिपोर्ट करने की बात कही गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली। राजस्व मंत्री के क्षेत्र में सरकारी जमीन पर खुलेआम हो रहे कब्जे के बावजूद अधिकारियों के द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर आश्चर्य जताते हुए गोयल ने बताया कि इस संदर्भ में तिल्दा के एसडीएम से भी शिकायत की गई है .बावजूद मुरुम डालने का कार्य जारी है। मुरूम डालने के कारण लाखों रुपए की लागत से नगर पालिका के द्वारा गंदे पानी के निकासी के लिए बनाया गया नाला भी मुरूम से पट गया है।
इसके पहले भी कब्जा कर रहे व्यक्ति के द्वरा अपने आप को नेता का खास बताकर शहर की करोड़ों रुपए की कीमत के शासकीय जमीनों पर कब्जा किया जा चुका है। नगर पालिका के गार्डन के पास भी संस्कृत भवन में लगे पेड़ों को काटकर इस व्यक्ति के द्वारा मुरूम डालकर अपनी गाड़ियों को रखा जा रहा है । इतना ही नहीं गाड़ियों के आने-जाने के लिए उन्होंने एक गेट भी लगा रखी है। पूरी जानकारी नगर पालिका अधिकारी के होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसान राइस मिल के गेट के ताले टूटने के संबंध में की गई शिकायत की बात को लेकर जब पुलिस से चर्चा की गई तो बताया गया कि मामले की जांच की जा रही है।

