रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़, विपक्ष सहित संगठनों ने उठाए सवाल, सीएम बोले ‘दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

वीसीएन टाइम्स
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रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ हुई है।घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिस कर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली। पुलिस ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल और क्रांति सेना के सदस्यों को हिरासत में लिया है।संगठन के सदस्यों ने इस घटना को छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। प्रदर्शन के दौरान एक शख्स छत्तीसगढ़ महतारी के लिए रोते हुए नजर आया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर  CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

किसी असामाजिक तत्व ने मूर्ति को दीवार से उखाड़कर खंडित कर दिया है।

दूसरी तरफ इस मामले को लेकर राजनीती भी गरमा गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिसने ने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। वहीं कांग्रेस ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ की अस्मिता खतरे में है। हमारी संस्कृति से छेड़छाड़ करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी।

आपको बता दे कि शहर के VIP चौक स्थित राम मंदिर के पास छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के द्वरा छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा की स्थापना की गई थी । बीती रात अज्ञात लोगों ने मूर्ति को नुकसान पहुंचाया जिससे मूर्ति खंडित हो गई । सुबह घटना का पता चलने पर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही तेलीबांधा पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरोपियों की पहचान करने  पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने में लग गई.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गाड़ी में बैठाया, वहीं नेताओं का कहना है उन्होंने खुद गिरफ्तारी दी है।

उधर  जब इस घटना की जानकारी  छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना को हुई तो वे राम मंदिर तिराहा के पास पहुंच गए. देखा तो   मूर्ति को दीवार से उखाड़कर खंडित कर दियागया था माता का सिर भी अलग पीडीए हुआ था। यह सब देखने के बाद  से छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के सदस्य में आक्रोशित होकर धरने पर बैठ गए। और  पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे  इस दौरान क्रांति सेना के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने अतिरिक्त बल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस गाड़ी में बैठाया गया। इस दौरान क्रांति सेना के नेता और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई। हालांकि, किसी को भी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।

वहीं, प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में लेने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई। उन्होंने खुद ही छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान में गिरफ्तारी दी है। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन और सरकार इस घटना को लेकर असंवेदनशील रवैया दिखा रही है। पुलिस इस घटना के पीछे किसी मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति का हाथ बता रही है, जो गलत है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक पार्टी प्रदर्शन करेगी. इस मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 298 के अंतर्गत केस दर्ज किया है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति के पूजा स्थल या किसी वर्ग, धर्म का अपमान या पवित्र वस्तु को नुकसान पहुंचाता है तो उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है। पुलिस का कहना है फुटेज के आधार पर आरोपी जल्द पकड़े जाएगे .पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की है.

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