नई दिल्ली: नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए कल यानी शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। नक्सलवाद के पूरे इतिहास में पहली बार एक साथ 208 माओवादियों ने पुलिस को अपने हथियार सौंपे और समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए। जगदलपुर में हुए इस बम्पर आत्मसमर्पण में खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा और कत्तीसगढ़ पुलिस के डीजीपी अरुणदेव गौतम समेत बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अफसर, बस्तर संभाग के जिलों के एसपी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार, पुलिस और सुरक्षाबलों के इस बड़ी कामयाबी पर प्रशंसा जाहिर की है। इस मौके पर उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस को भी निशाने पर लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि, कांग्रेस माओवादी आतंक को छिपाती है। कांग्रेस शासन में हर बड़ा राज्य नक्सली और माओवादी आतंक की चपेट में था। प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि, मैं बहुत जिम्मेदारी से बोलता हूं, जो माथे पर संविधान लेकर नाचते हैं, वो आज भी माओवादियों की रक्षा में दिन रात लगे हैं। उन्होंने कहा कि, भारत अब आतंकी हमलों के बाद चुप नहीं रहता। अब भारत सर्जिकल-एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर करके जवाब देता है
भारत रुकने के मूड में नहीं है, हम न रुकेंगे, न थमेंगे।
बता दें कि, छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मिली है। आज राज्य में 200 से ज्यादा नक्सलीयों ने आत्मसमर्पण किया है। बस्तर के जगदलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों का नेतृत्व सीसी सदस्य रूपेश कर रहा है। इनके साथ 2 SZCM (साउथ जोनल कमेटी मेंबर), 15 DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) और 25 ACM (एरिया कमेटी मेंबर) ने भी सरेंडर किया है।
अत्याधुनिक हथियार लेकर पहुंचे नक्सली
सरेंडर करने वाले माओवादियों ने अपने साथ 100 से ज्यादा अत्याधुनिक हथियार लेकर पहुंचे और जमा करवाया। इनमें AK-47, SLR, BGL जैसे घातक हथियार शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभाग की लगातार कोशिशों और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के चलते यह बड़ी सफलता सामने आई है।

