बलरामपुर -छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक सातवी की छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने स्कूल के हेड मास्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि प्रधान पाठक छात्र को ऑफिस में बुलाकर बेड टच करता था। उन्होंने छात्र को किसी से ना बताने की धमकी दी थी। लेकिन छात्त्रा ने हिम्मत जुटाकर हेड मास्टर के करतूत की जानकारी पहले परिजनों को दी फिर उसने पुलिस चौकी में जाकर हेड मास्टर के खिलाफ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई. एफ आई आर दर्ज होने के बाद से हेड मास्टर फरार चल रहा था मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक मामला वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र का है . जहां एक सरकारी स्कूल की 7वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा ने अपने स्कूल के प्रधान पाठक पर गलत तरीके से छूने (बैड टच) का गंभीर आरोप लगाया था। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था लेकिन पुलिस की सक्रियता और सतर्कता से आरोपी को अब आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, छात्रा ने साहस दिखाते हुए ये बात अपने परिवार को बताई थी कि स्कूल में प्रधान पाठक ने उसके साथ गलत व्यवहार किया और ये बात जानकर परिजनों ने तुरंत इस मामले की शिकायत वाड्रफनगर पुलिस चौकी में की। पुलिस ने छात्रा का बयान दर्ज कराया, FIR दर्ज होते ही आरोपी स्कूल प्रधान पाठक फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखे और आखिरकार उसको पकड़ने में सफलता मिली।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता को लेकर पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मामले की जांच बेहद संवेदनशीलता से की जा रही है।
शिक्षा के मंदिरों में जब इस तरह की घटनाएं सामने आती है रुह जाती है,और खासकर अभिभावक सहम जाते हैं।
हालांकि स्कूलों में इस तरह के मामले आए दिन समाचारों में पढने व सुनने को मिलते है। लेकिन जिस तरीके से छोटी-छोटी बच्चियों के साथ स्कूलों में शिक्षक हरकतें करते हैं. वो न केवल शर्मनाक है साथ हि चिंतनीय भी है.. अभिभावक भी शोचने मजबूर हो जाते हैं कि आखिर बच्चों को पढ़ाने के लिए कहां भेजें।हेडमास्टर ने जिस प्रकार बच्ची से हरकत की जा रही थी अगर बच्ची हिम्मत नही दिखाती और अपने पलकों को नहीं बताती तो शिक्षक न जाने आगे जाकर क्या करता। फिलहाल शिक्षक सलाखों के पीछे पहुंच गया है।बलरामपुर से VCN टाइम्सकी रिपोर्ट

