रायपुर: शराब घोटाले मामले पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। ईडी ने मंगलवार को रायपुर की विशेष कोर्ट में पेश किया। चैतन्य बघेल को कोर्ट ने 14 दिन की रिमांड में भेज दिया है। इससे पहले कोर्ट ने ईडी को पांच दिनों की रिमांड दी थी। मंगलवार को यह रिमांड खत्म हो रही थी जिसके बाद चैतन्य को कोर्ट में पेश किया गया था। दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद कोर्ट ने चैतन्य बघेल को 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया है।आज ED ने चैतन्य के लिए रिमांड की मांग नही की,पहले इस बात की चरचा थी की ED फिर से रिमांड पर लेगी ..

5 दिन की रिमांड खत्म होने के बाद चैतन्य को विशेष अदालत में पेशी के लिए लाए जाने के दौरान स्वयं भूपेश बघेल और कई नेता कोर्ट परिसर मौजूद थे। बताया जाता है कि भूपेश बघेल की ओर से कोर्ट में एक आवेदन दिया गया है जिसमें कम से कम 7 दिनों में एक बार चैतन्य से मिलने के लिए मांग की गई है
पेशी के दौरान बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने कोर्ट में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पेश की गई अर्जी पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि ED ने बिना समन दिए चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया। इसके लिए जो तीन आधार बताए गए, वे तथ्यात्मक रूप से कमजोर हैं। ED ने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया।हीं सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को फटकार लगाते हुए कहा कि, राजनीतिक लड़ाइयां चुनाव में लड़ी जानी चाहिए, जांच एजेंसियों के जरिए नहीं। ED का इस तरह इस्तेमाल क्यों हो रहा है?
Yबचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि पहला मामला सहेली ज्वेलर्स से जुड़े 5 करोड़ रुपए के लोन का है, जिस पर ED ने कहा कि यह बिना ब्याज का संदिग्ध लोन है। इसके जवाब में हमने स्पष्ट किया कि यह लोन 2019 में लिया गया था। अब तक करीब 2.21 करोड़ रुपए ब्याज के रूप में चुकाए जा चुके हैं। यह जानकारी फरवरी 2025 में सहेली ज्वेलर्स के प्रोपराइटर द्वारा दस्तावेजों सहित ED को दी जा चुकी थी, बावजूद इसके जांच एजेंसी ने कोर्ट के समक्ष भ्रामक तथ्य पेश किए।फैजल रिजली ने बताया कि दूसरा मामला त्रिलोक सिंह ढिल्लन को 5 करोड़ रुपए में बेचे गए फ्लैट से जुड़ा है, जिसमें ढिल्लन पहले ही जेल में रहते हुए यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनके पास यह राशि कहां से आई। ED ने उनके जवाबों से संतुष्टि जताई थी, इसीलिए चैतन्य बघेल से इस संबंध में कोई पूछताछ नहीं की गई थी।
फैजल रिजवी ने बताया कि तीसरा आधार पप्पू बंसल के बयान पर आधारित है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि चैतन्य के पास 1,000 करोड़ रुपए का लेनदेन है। इस पर भी हमने ED को दस्तावेजों और सबूतों सहित जवाब सौंपा, जिसे कोर्ट में भी प्रस्तुत किया गया।
हमने यह भी बताया कि जिस फरार आरोपी लक्ष्मी नारायण के बयान पर कार्रवाई की गई, उसके खिलाफ वारंट जारी है। इसके बावजूद ED ने आरोपी की खातिरदारी कर बयान लिया और चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की।
उधर ED के अनुसार लीकर स्कैम में पूछताछ में शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने EOW को बयान दिया था कि, उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ से ज्यादा घोटाले की रकम को हैंडल किया। यह कैश अनवर ढेबर ने दीपेन चावड़ा को पहुंचाया। यह पैसा बाद में राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया।
इसकी व्यवस्था चैतन्य बघेल के साथ मिलकर की गई और चैतन्य बघेल के कहने पर 1000 करोड़ में से 100 करोड़ नकद केके श्रीवास्तव को दिया गया। पप्पू बंसल ने पूछताछ में ये भी स्वीकार किया है कि शराब घोटाले से उसे 3 महीने में 136 करोड़ रुपए मिले हैं। अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित के बीच चैट में हुई बातचीत में इसकी जानकारी है।..

