तिल्दा नेवरा में बुधवार श्याम अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ जमकर बारिश हुई।बिन मौसम आंधी के साथ हुई बारिश से कुछ देर के लिए गर्मी से राहत तो मिली लेकिन बिजली गुल होने के कारण लोग उमस से व्याकुल हो गए। रात 12 लाइट आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

दूसरी तरफ बारिश के पहले चली तेज हवा ने क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई है। शहर के अंदर जहां कई जगहों पर वर्षों पुराने पेड़ गिर गए. वहीं कई जगहों पर लाइट के खंबे झुक गए। कई दुकानों में लगे टीन के शेड के साथ कई कच्चे घरों की छप्पर उड़ गई। शहर के वार्ड क्रमांक 16 में बिजली तारों के ऊपर दुकानों में लगे बोर्ड उड़कर गिर गए। लगभग 60 किलोमीटर की रफ्तार से चली आंधी के चलते कई दुकानों के शेड उड़ गएऔर साइन बोर्ड भी टूट कर सड़क पर गिर गए। बारिश के चलते कई स्थानों पर जल भराव हो गया. वहीं शहर के आसपास के इलाके के में चने के आकार के ओले भी गिरे हैं। केसरवानी मोहल्ले में एक पुराना पेड़ गिर गया।
आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत
उत्तर छत्तीसगढ़ मैं बुधवार शाम गरज चमक के साथ हुई बारिश के चलते जान माल की भारी क्षति हुई है बलरामपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से पिता पुत्र समय तीन की मौत हो गई वहीं एक अन्य ग्रामीण जिला गयMCB जिले में भी एक ग्रामीण की बिजली गिरने से मौत हो गई बलरामपुर सहित सरगुजा और सूरजपुर जिलों में कई जगह आकाशीय बिजली गिरी है। जिसकी चपेट में कई लोग आए हैं। वहीं कुछ मवेशियों के भी मौत हो गई है।

लरामपुर के वाड्रफनगर ब्लॉक के जोगियानी गांव के रहने वाले श्रीराम पंडो (31 साल) और उसके बेटे रोहित पंडो (12 साल) की मौके पर मौत हो गई। दोनों बारिश के दौरान घर के आंगन में थे। आंगन में आम के पेड़ पर गाज गिरने से दोनों चपेट में आ गए और दोनों की मौत हो गई।
बलरामपुर के ही मझौली गांव में भी 10 साल के बच्चे दयाराम अगरिया की भी मौत हो गई। बच्चा खेलने के लिए घर से बाहर निकला था। बारिश के दौरान वह आम पेड़ के नीचे खड़ा था। आम के पेड़ पर अचानक गाज गिरने से वह चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं चार मवेशियों और 12 बकरियों की भी गाज की चपेट में आने से मौत हो गई।
सुलसुली में गाज गिरने से एक झुलसा बलरामपुर के ही ग्राम सुलसुली में आकाशीय बिजली की चपेट में एक फेरीवाला भी आया। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। उसे वाड्रफनगर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

