राजनांदगांव जिले में रेप से पीड़ित एक आदिवासी युवती ने नवजात बच्ची को जन्म दिया लेकिन 21 दिन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। वहीं रेप के आरोपी ने बच्ची का शव रख लिया मां को आखिरी बार देखने भी नहीं दिया।मामला अनुसूचित जाति थाना क्षेत्र का है। आरोपी घनश्याम शादी का झांसा देकर पीड़िता का 4 साल तक शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में उसने किसी और से शादी कर ली। शादी के बाद भी पीड़िता से संबंध बनाए जिससे बाद उसने बच्ची को जन्म दिया था।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसकी तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया जिससे वह दबाव में थी। पीड़िता के परिवार वालों ने न्याय की मांग लेकर आज IG ऑफिस पहुंचे जिसके बाद आरोपी पर FIR दर्ज कर लिया गया है।दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। घनश्याम ने पीड़िता को स्कूल टाइम से ही धोखे में रखा था। उनके बीच 5 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन घनश्याम ने परिवार वालों की पसंद से दूसरी शादी कर ली।
उनकी शादी को 2 साल हो गए लेकिन उसके बाद भी वह युवती को टॉर्चर करता था। प्रताड़ना में घनश्याम की पत्नी भी साथ देती थी। पीड़िता ने बताया कि पत्नी खुद कहती थी घनश्याम तुम्हारे बिना नहीं रह सकता।पीड़िता के परिजनों ने बताया कि, उसने पीड़िता से जबरदस्ती संबंध बनाए। जब युवती ने बच्ची को जन्म दिया तब वो स्वस्थ्य थी लेकिन अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ी और राजनांदगांव अस्पताल में उसकी मौत हो गई। जिसके बाद आरोपी बच्ची का शव ले गया।
न्याय के लिए पीड़िता ने बाघनदी थाना और अनुसूचित जाति जनजाति थाना का दरवाजा खटखटाया। लेकिन उसे सिर्फ आश्वासन मिले। अंत में सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं के साथ वह IG कार्यालय पहुंची।जहां ऑफिस के बाहर रातभर सभी ने धरना प्रदर्शन किया। तब जाकर पुलिस ने FIR दर्ज किया है।

