तिल्दा नेवरा-त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में नाम वापसी के बाद उपरांत चुनावी मैदान में उतरने वाले जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच और पंच प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही पंचायत चुनाव सरगर्मीबढ़ गई है प्रत्याशियो ने अपने चुनाव चिन्ह का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है।

रायपुर जिले की तिल्दा नेवरा जनपद पंचायत क्षेत्र में 25 जनपद पंचायत सदस्य, 102 सरपंच और 1395 पंचों के साथ तीन जिला पंचायत सदस्यों के लिए क्षेत्र के मतदाता 20 फरवरी को मतदान करेंगे।
प्रथम चरण में नामांकन दाखिले और नाम वापसी के बाद अब प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आबंटित कर दिया गया है। चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही प्रत्याशियों ने जोर-जोर से अपना प्रचार भी शुरू कर दिया है। ग्रामीण सरकार का मुखिया बनने के लिए इस बार ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
तिल्दा नेवरा जनपद पंचायत में 25 जनपद सदस्यों के लिए 114 प्रत्याशी मैदान में है। इनमें से मात्र दो जनपद क्षेत्र ऐसे हैं जहां सीधा मुकाबला होगा ,बाकी 23 जनपद सदस्यो का मुकाबला तीन और चार प्रत्याशियों के बीच होगा।
इसी तरह 102 ग्राम पंचायतो में सरपंच का चुनाव होगा जिसमें 480 प्रत्याशी मैदान में है शहर से लगे ग्राम तुलसी नेवरा में सरपंच बनने के लिए 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है ,उसके बाद ग्राम पंचायत सरोरा में आठ प्रत्याशी सरपंच बनने चुनावी दंगल में उतरे हैं। ज्यादातर ग्राम पंचायत में तीन से अधिक प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। इसके अलावा 1395 पंचो के लिए भी मतदाता वोट करेंगे। पंच बनने के लिए 2723 प्रत्याशी मैदान में है। पंच पद के लिए ज्यादातर पंचायत में सीधी टक्कर है। पंचायत चुनाव में एक मतदाता जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच और पाच के लिए कुल 4 वोट करेगा।
तिल्दा जनपद क्षेत्र में तीन जिला पंचायत क्षेत्र जिला पंचायत क्रमांक 5 ,6 और 7 शामिल है। जिला पंचायत की तीनों सिट महिलाओं के लिए आरक्षित है। इनमें तीन महिलाएं जो पूर्व में सरपंच रह चुकी है जिला पंचायत सदस्य के लिए किस्मत आजमा रही है. इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा की बेटी स्वाति वर्मा भी चुनावी दंगल में उतरी है। छतोद ग्राम पंचायत की सरपंच रही स्वाति ग्रेजुएट है। सभी प्रत्याशियों ने जोर शोर से चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। प्रचार के साथ मतदाताओं को बोकरा भात का निमंत्रण मिलना शुरू हो गया है। जीत किसकी होगी या हारेगा कौन यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगा लेकिन इस बार ग्रामीण सत्ता पर काबिज होने के लिए जोर आजमाइश हो रही है

