- छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां
- राज्य निर्वाचन आयोग कर रहा है तैयारियां
- वार्डों का आरक्षण करेंगे जिला कलेक्टर
- महापौर और अध्यक्ष का आरक्षण राजधारी रायपुर में होगा
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दल जहां अपना होमवर्क कर रहे हैं वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग भी चुनाव के लिए तैयारियां में जुटा है। महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और वार्डों की आरक्षण की कवायद शुरू कर दी गई है। निकाय चुनाव कों लिए वार्डों का आरक्षण जिला स्तर पर कलेक्टर करेंगे। वहीं, महापौर और अध्यक्षों के चुनाव के लिए आरक्षण राजधानी रायपुर में किया जाएगा।
नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों के वार्डों की कार्यवाही के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को विहित प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को सभी जिला कलेक्टरों को चुनाव को लेकर प्रशिक्षण दिया। इससे पहले निकाय चुनाव को लेकर नियमों को भी प्रकाशित किया जा चुका है।
दावेदारों को इंतजार
नगरीय निकाय चुनाव में महापौर, वार्ड और अध्यक्ष पद के दावेदार लंबे समय से आरक्षण का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आरक्षण का फैसला होने के बाद दावेदार अपनी-अपनी पार्टी के सामने उम्मीदवार बनने का दावा पेश करेंगे। अभी महापौर और अध्यक्ष का आरक्षण तय नहीं है इस कारण दावेदार जोर नहीं लगा रहे हैं।
20 के बाद लग सकती है आचार संहिता
सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। वार्डों, महापौर और अध्यक्ष का आरक्षण होने के बाद ही राज्य में आचार संहिता लागू हो सकती है। कलेक्टर को विहित प्राधिकारी नियुक्त करने के बाद 7 दिनों के अंदर आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा करना है। ऐसे में माना जा रहा है कि आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग आचार संहिता की घोषणा कर सकता है। सूत्रों का कहना है कि राज्य निर्वाचन आयोग 20 दिसंबर के बाद निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता लगा सकता है।
इस बार जनता चुनेगी महापौर
इस बार राज्य में जनता महापौर चुनेगी। राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने भूपेश बघेल सरकार के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें महापौर और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से होता था। इस बार जनता सीधे अपना मेयर चुनेगी।

