विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद माना जा रहा था कि कांग्रेस अपने संगठन में बदलाव करगी,
- दीपक बैज फिलहाल बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष
- संगठन में बदलाव को लेकर थी अटकलें
- सचिन पायलट ने दीपक बैज को दिया फ्री हैंड
- नगरीय निकाय चुनाव पर है कांग्रेस का फोकस
रायपुर: पहले विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव में हार के बाद माना जा रहा था कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक बदलाव कर सकती है। हाल ही में अटकलें लगाई जा रही थीं कि टीएस सिंहदेव को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पायलट ने दीपक बैज को कई टास्क दिए हैं जिसके बाद से माना जा रहा है कि दीपक बैज फिलहाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, सचिन पायलट ने दीपक बैज को जिला और ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए कहा है।

जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट ने बैठक में दीपक बैज को संगठनात्मक नियुक्तियों के लिए फ्री फैंड दिया है। उन्होंने कहा कि पीसीसी के साथ जल्द ही जिला और ब्लॉक स्तर पर खाली पदों में नियुक्तियां की जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए लिस्ट जल्द से जल्द संगठन को भेजी जाए। लिस्ट भेजते ही अप्रूवल मिल जाएगा।
उपचुनाव और नगरीय निकाय चुनाव पर फोकस
छत्तीसगढ़ में इसी साल नगरीय निकाय के चुनाव होने हैं। इसके साथ ही राज्य में एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। इसकी तैयारी को देखते हुए दीपक बैज को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट ब्रजमोहन अग्रवाल को इस्तीफे के बाद खाली हुई है। वहीं, नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भी कवायद तेज हो गई है। ऐसे में दीपक बैज को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है।
दिल्ली में हुई थी पार्टी की बैठक
बता दें कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद दिल्ली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की बैठक हुई थी। इस बैठक में बदलाव के संकेत मिले थे जिसके बाद ये यह माना जा रहा था कि जल्द ही राज्य में संगठनात्मक बदलाव हो सकता है।
क्या कहा था टीएस सिंहदेव ने
दिल्ली से लौटने के बाद टीएस सिंहदेव ने कहा था कि मैं कांग्रेस की बेहतरी के लिए कहीं भी काम करने के लिए तैयार हूं। हालांकि उन्होंने संगठनात्मक बदलाव को लेकर कहा था कि नगरीय निकाय चुनाव तक संगठन में बदलाव नहीं होना चाहिए।

