विद्युत कटौती को तत्काल बंद करे सभापति: राजू शर्मा
तिल्दा नेवरा-अंचल के किसानों में अपनी फसल बोआई को लेकर उनके माथे में चिंता की लकीर नजर आने लगी है। क्षेत्र में बारिश नहीं होने से किसान मायूस नजर आ रहे है। हलाकि दो दिन पहले लगभग एक घंटे तक हुई बारिश से किसानों को कुछ राहत जरूर मिली थी। लेकिन दूसरे दिन से ही मानसून के दगा देने से किसान मायूस हो गए। समय पर बारिश नहीं होने पर इस वर्ष फसल के तैयार होने में देरी हो सकती है। पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं होने के कारण जिन किसानों के खेतों में मोटर पंप लगे हैं, वे किसान पंप से खेतों में पानी भर रहे हैं, लेकिन विद्युत कटौती के कारण किसान चाह कर भी की खेतो की प्यास को नहीं बुझा पा रहे हैं।
बेहतर बारिश नहीं होने से जिला पंचायत के सभापति राजू शर्मा ने कहा कि जिन किसानों ने खेतों में अटल ज्योति योजना के तहत मोटर पंप लगाए हैं उनको ज्यादा परेशानी हो रही है .क्योंकि शाम 5 बजे से रात्रि 11 तक विद्युत कटौती की जा रही है. जिसके कारण किसान चाह कर भी भरपूर मात्रा में खेतों को पानी नहीं दे पा रहे हैं। श्री शर्मा ने शासन से अटल ज्योति योजना के तहत विद्युत कटौती तत्काल बंद किए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी एक किसान है और वह किसानों के दर्द को भली-भांति समझते हैं. लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी किसानो की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। राजू शर्मा ने कहा कि आषाढ़ के माह में जलाशय नदियों में पानी नहीं के बराबर है. और जिस प्रकार खंड वर्षा हो रही है. इसी तरह की स्थिति रही तो धान के पौधों को पानी के अभाव में बचाना मुश्किल हो जाएगा. और अगर विद्युत कटौती बंद नहीं की गई तो किसानों के पास विद्युत पंप होने के बाद भी फसल को बर्बाद होने से कोई नहीं बचा पाएगा।
हालाकि किसानों को आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश होने की उम्मीद है। आषाढ़ माह का एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक भले ही बारिश उम्मीद से कम हुई है। लेकिन आगे कुछ दिनों में और अच्छी बारिश होने की आशा है। किसानो को एक बार मूसलाधार बारिश होने का इंतजार है।
बिजली बंद होने और उमस बढ़ने के कारण दिक्कत
बिजली की आंख-मिचौली से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा रहा है। हल्की सी आंधी-तूफान या बारिश होने से बिजली का बंद हो जाना आम बात हो गई है। कई वार्डों में सुबह से ही बिजली बंद कर देने से वार्डवासियों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ता है। कभी भी बिजली बंद कर देते हैं।

