तिल्दा नेवरा-भक्तों के प्रेम में भीगकर बीमार पड़े नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ ने रविवार को भक्तों को दर्शन दिए। भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र ने 13 दिनों के अज्ञातवास के बाद मनफेर के लिए पालकी में सवार होकर शहर का भ्रमण किया।इसके पहले शनिवार शाम को भगवान के रथ का पूजन हुआ। सुबह 5:30 बजे मंगला आरती, स्तुति व भजन किया गया। आठ बजे भगवान को दूध का नैवेद्य और 10 बजे महाप्रसाद नैवेद्य अर्पित किया गया। मध्याह्न 12 से अपराह्न तीन बजे तक मंदिर के पट बंद रहे। अपराह्न तीन बजे मंदिर के पट खुले और भगवान की कपूर से आरती उतारी गई।
स्वस्थ होने के बाद भगवान जगन्नाथ के मंदिर के कपाट आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा पर रविवार को भोर में पांच बजे खुले।वहीं अपराह्न 2 बजे से रथ शृंगार और 3 बजे भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के साथ रथ में विराजमान कर गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण के लिए रथ में सवार होकर नेवरा स्थित जगन्नाथ मंदिर से निकले। जगतनाथ मंदिर नेवरा से निकली रथ यात्रा संकट मोचन हनुमान मंदिर, सुभाष चौक, अग्रसेन चौक, गुरु नानक चौक, सिंधी कैंप, हेमू कालानी चौक, होते हुए मां दुर्गा मंदिर स्टेशन चौक पहुंचा.. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा अर्चना कर दर्शन किए, यहां से रथ स्टेशन चौक होते हुए दीनदयाल उपाध्याय चौकहोकर हाई स्कूल रोड से अपने मौसी घर पहुंचा.
इस बीच इस अवसर पर जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई।,
रथ को खींचने और दर्शन करने वालों की होड़ लगी रही। रथ के आगे भजन मंडलीया भजन करते चल रही थी. वही रथ पर सवार पुजारी के साथ दुर्गा प्रसाद अग्रवाल. जय नारायण अग्रवाल. अंकुरित चने का प्रसाद वितरण करते हुए चल रहे थे..भजन मंडलियों के साथ शिव अग्रवाल.रवि गांधी.संजू अग्रवाल.योगेश गांधी.भीखम चंद मुनका. नाचते गाते हुए जगन्नाथ भगवान की जयकारे लगाते हुए चल रहे थे. वही कैलाश अग्रवाल. पोषण वर्मा. दीनानाथ अग्रवाल. पवन अग्रवाल को रथ खींचते हुए चल रहे थे. रथ यात्रा को लेकर आज शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही वहीं मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिए भी लोगों का मेला लगा रहा.

