तिल्दा नेवरा- शादी विवाह पर लगा एक माह का विराम एक बार फिर से आज शनिवार की रात 8:30 बजे खुल जाएगा. पंडित संतोष शर्मा ने बताया कि ग्रहण के राजा सूर्य 13 अप्रैल को मीन राशि छोड़कर उच्च राशि मेष राशि में गोचर करेंगे. उसके बाद खरमास खत्म होगा.
पंडित जी ने बताया कि 23 अप्रैल से शुक्र ग्रह के अस्त होने के चलते मई और जून में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है. इसके बाद जो 2 जुलाई से विवाह मुहूर्त है. वहीं जुलाई 16 से लेकर 12 नवंबर तक चतुर मास के चलते एक भी विवाह मुहूर्त नहीं है. पंडित संतोष शर्मा ने बताया कि 10 दिनों के अंदर तीन श्रेष्ठ विवाह लगन और एक अबूझ रामनवमी का मुहूर्त होने से 4 दिन शहनाई बजेगी. इसके बाद करीब 70 दिन का ब्रेक शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर लग जाएगा. पंडित संतोषशर्मा ने बताया कि ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव के धनु और मीन राशि में गोचर करने और गुरु और शुक्र ग्रह के अस्त होने से विवाह मुहूर्त के लग्न पंचांग में नहीं बनते हैं.17 अप्रैल रामनवमी अबूझ विवाह मुहूर्त है ।इस माह विवाह के लिए शुभ मुहूर्त 18 अप्रैल गुरुवार को है इस दिन मघा नक्षत्र है.इस तिथि पर भी विवाह करना शुभ है।यह विवाह लग्न 6 रेखा का है, 21 अप्रैल के दिन त्रयोदशी तिथि है हस्त नक्षत्र है,यह आठ रेखा विवाह लग्न है। 22 अप्रैल सोमवार को नव रेखा का शुभ विवाह लगन है फिर 23 अप्रैल को दोपहर में 2:18 पर शुक्र ग्रह अस्त हो जाने से शादी विवाह पर 70 दिन का विराम लग जाएगा।
ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति और शुक्र तारा अस्त होने पर विवाह करना शुभ नहीं माना जाता है। 23 अप्रैल से शुक्र अस्त होने के कारण मई और जून माह में विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं मिलेंगे। इसके बाद 2 जुलाई से विवाह का शुभ मुहूर्त है। इसके अलावा 16 जुलाई से 12 नवंबर तक चातुर्मास की वजह से विवाह कोई शुभ समय नहीं मिलेगा। हालांकि इस दौरान अबूझ मुहूर्त में विवाह संपन्न किया जा सकता है।

