तिल्दा-नेवरा जीविका जीवन के लिए हो,जीविका के लिए जीवन नहीं होना चाहिए।मनुष्य अपने इसी जीवन में अच्छे कर्म कर पुण्य को प्राप्त कर सकते है।कोई भी जाति वर्ण के जो प्रकृति के निवृत्त है,वह सुरक्षित है।समाज को शिक्षा,रक्षा,अर्थ और सेवा के क्षेत्र में सशक्त बनने के साथ ही प्रबुद्ध होने की जरूरत है।सशक्त समाज से ही आने वाले पीढ़ी मजबूत और प्रबुद्ध होगा और कोई भी शब्द बाण से उन्हें गलत मार्ग के लिए विचलित नहीं कर पाएंगे।

उक्त बाते धरसींवा विकासखण्ड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित लखन लाल मिश्र के गांव मुरा में रिटायर्ड आईएएस गणेश शंकर मिश्रा द्वारा गुरुवार को आयोजित विशाल हिन्दू राष्ट्र धर्म महासभा को संबोधित करते हुए पुरी गोवर्धन मठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कही..

तीन दिवसीय विशाल हिंदू राष्ट्र धर्मसभा में शंकराचार्य को सुनने आस-पास के शहरों से भी बड़ी सख्या में धर्मावलंबीजन लोग पहुंचे थे ।शुक्रवार 1 मार्च को यहां शंकराचार्य से लोग दीक्षा लेंगे।

महाराज ने कहा कि सनातन धर्म का संबंध परलोक से होता है। सनातन धर्म सबको साथ लेकर चलते है। भारत देश ’वसुधैंव कुटुम्बकम’ की धरती है। उन्होंने कहा कि सबको अपने क्षेत्र के विकास के लिए सहभागी बनना चाहिए, पेट और परिवार तक सीमित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने भौतिकवादी पर कहा कि विज्ञान और वैज्ञानिकों का शोध और ज्ञान भी वेद शास्त्रों से जुड़ी हुई है। विज्ञान और वैज्ञानिकों को कई वर्षों तक ज्ञान देने की क्षमता वेद और वेदांत में विद्यमान है।

इस अवसर पर राष्ट्र धर्म सभा के आयोजक रिटायर्ड आईएएस गणेश शंकर मिश्रा ने धर्म सभा में आई भीड़ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहां की धन्य हो गई मुरा गांव की धरा.जहां स्वयं भगवान पधारे हैं, और भगवान के दर्शन के लिए इतनी सारी भीड़. इसके पहले महाराज जी के ग्राम मुरा पहुंचने पर ग्रामीणों ने बाजे गाजे के साथ स्वागत स्वागत किया इस मौके पर पूरा गांव भगवा रंग में रंग रहा,इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री विधान मिश्रा पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा भाजपा नेता जिला पंचायत सदस्य राजू शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे.

