विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही शुरू होते ही किसान आत्महत्या मामले पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग पर अड़े विपक्ष ने प्रस्ताव अस्वीकृत होने के बाद सदन से वॉकआउट कर दिया।
पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस के बीच विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि पहले से इस पर चर्चा का उल्लेख नहीं है। साथ ही अल्प सूचना में सत्र आहूत की गई। जिसके बाद हंगामा करते हुए विपक्ष के सदस्य सदन से बाहर चले गए।
- विधायक लखेश्वर बघेल ने की किसान आत्महत्या मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराए जाने की मांग की। इस परअजय चंद्राकर ने कहा कि आमंत्रण में इसकी जानकारी कहीं नहीं की गई है।
- पूर्व सीएम भूपेश बघेल- भले ही उल्लेख ना किया हो लेकिन नई सरकार आने के बाद अगर ऐसी घटना घटी है तो इसपर चर्चा कराई जानी चाहिए।
- बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- सदन नियम और कानून से चलता है । ध्यानाकर्ष्ण और स्थगन पर इस पर चर्चा कराने का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए सदन के कानून को समझते हुए सीधे अनुपूरक बजट पर चर्चा की जानी चाहिए।
- नेता प्रतिपक्ष बोले – अगर 5 मिनट की चर्चा किसी गरीब के लिए की जाए तो इसमें आखिरकार क्या परेशानी है।
- कवासी लखमा ने कहा- एक आदिवासी किसान विधानसभा के पहले आत्महत्या किया है नियम शिथिल करने चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे।
- आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा- सदन के भीतर मोबाइल फोन वर्जित है। न मोबाइल फोन लेकर आएं और न ही इस्तेमाल करें।
छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार कामकाज के लिए अनुपूरक बजट की मांग की है। जब विभागों को बजट सत्र में आवंटित राशि कम पड़ जाती है तो ऐसे में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले ही एक बजट लेकर आती है। इसे ही अनुपूरक बजट कहते हैं। आमतौर पर वित्तीय वर्ष पूरा होने से पहले ही अनुपूरक बजट लाया जाता है।

