छत्तीसगढ़

भाजपा और संघ अडाणी की रक्षा क्यों कर रहे हैं-राहुल गांधी

हम सत्यराही है और बीजेपी सत्ताग्राही है
0-भारत जोड़ो यात्रा से बहुत कुछ सीखा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के महा अधिवेशन का आज अंतिम दिन है। कांग्रेस महाधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में मेरे साथ देश के लाखों लोग चले। यात्रा के दौरान मैं लोगों की समस्या जानी। इस दौरान मैने भारत जोड़ो यात्रा से बहुत कुछ सीखा। राहुल गांधी ने कहा कि मैं 52 साल का हो गया लेकिन मेरा घर नहीं।
राहुल ने कहा, नरेंद्र मोदी जी बीजेपी के 15-20 लोगों के साथ लाल चौक में झंडा फहराया, भारत जोड़ो यात्रा ने लाखों लोगों के साथ झंडा फहराया, प्रधानमंत्री को समझ नहीं आया। एक कश्मीरी आया और कहा कि मैं आपके साथ तिरंगा लेकर चल रहा हूं। आपने हमारे दिल में जो भरोसा दिया है। उसकी वजह से साथ चल रहा हूं। हमारे साथ भारत यात्रा में लाखों लोग जुड़े ये काम राहुल गांधी ने नहीं किया, हमारे कार्यकर्ता ने किया।

मैंने संसद में एक उद्योगपति के खिलाफ मोर्चा खोला। मैंने एक फोटो दिखाई,जिसमें मोदीजी अडाणी के साथ प्लेन में बैठे हैं। मैंने पूछा रिश्ता क्या है। पूरी सरकार, सभी मंत्री अडाणीजी की रक्षा करने लग गए। अडाणी पर हमला करने वाला देश द्रोही और अडाणी देशभक्त बन गए। भाजपा और संघ उस व्यक्ति की रक्षा कर रहे हैें। सवाल है कि रक्षा क्यों कर रहे हैं। ये जो शेल कंपनियां हैं, हजारों करोड़ रुपया हिंदुस्तान भेज रही हैं, य किसकी हैं। इसमें किसका पैसा है। जांच क्यों नहीं हो रही है। जेपीसी क्यों नहीं बन रही है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी और भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र कहती हैं चीन की इकोनामी हमसे ज्यादा कैसे लड़ेंगे? मतलब ये लोग शक्तिमान से नहीं लड़ेंगे। ये कौन सी देशभक्ति हैं, जहां कमजोर को मारो और शक्तिशाली का साथ दो। भाजपा सावरकर की विचारधारा पर चलती है। हम सत्यराही है और बीजेपी सत्ताग्राही है।
मां बैठी है,1977 की बात है। चुनाव आया, मुझे उसके बारे में कुछ नहीं मालूम था। घर में अजीब सा माहौल था। मैंने मां से पूछा मम्मी क्या हुआ। मां कहती हैं कि हम घर छोड़ रहे हैं।तब तक मैं सोचता था कि वो घर हमारा था। मैंने मां से पूछा हम घर क्यों छोड़ रहे हैं। पहली बार मां ने मुझे बताया कि ये हमारा घर नहीं है। ये सरकार का घर है। अब हमें यहां से जाना है। मैंने पूछा कहां जाना है तो कहती हैं कि नहीं मालूम कहां जाना है। मैं हैरान था। मैंने सोचा था कि वो हमारा घर था। 52 साल हो गए मेरे पास घर नहीं है। आज तक नहीं है।

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