Monday, March 16, 2026
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स्पंच आयरन फैक्ट्री में महिला कर्मी की मौत: मुआवजे की मांग को लेकर फैक्ट्री गेट पर, शव रखकर रात भर धरना पर बैठे परिजन

तिल्दा नेवरा -तिल्दा के समीप स्थित ग्राम खम्हरिया में संचालित नाकोड़ा पाइप इंपैक्स प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत एक महिला की प्लांट के अंदर काम करते समय अचानक मौत हो गई महिला की हुई मौत की खबर मिलने के बाद बवाल खड़ा हो गया ।महिला के परिजन और भीम आर्मी संगठन के लोग शव को लेकर प्लांट के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए। जिससे शनिवार पूरी रात तनाव की स्थिति बनी रही। प्रबधन महिला की मौत का कारण अचानक तबीयत खराब होना बताता  रहा है ,वही परिजन मौत को संदिग्ध परिस्थितियों में होना बताकर जाँच की मांग करते मुवाअजा और महिला के परिजनों को पर्मानेट नौकरी देने की मांग करते रहे। समझौते के बाद सोमवार सुबह 5 बजे गेट से शव को हटाया गया ।

जानकारी अनुसार ग्राम देवगांव निवासी सुनीता धृतलहरे 42 वर्ष नाकोड़ा पाइप इंपैक्स प्राइवेट लिमिटेड में काम करती है । शनिवार को प्लांट के अंदर जब वह काम कर रही थी तभी उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और कुछ  ही देर में उसकी मौत हो गई । उधर जब महिला के मौत की खबर उनके परिजनों को हुई तो वे रोते हुए संयंत्र पहुंच गए। लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक लिया और बताया गया कि महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे तिल्दा उपचार के लिए भेजा गया है। उसके बाद उनके परिजन तिल्दा आ गए। लेकिन महिला को किस अस्पताल उपचार के लिए लाया गया है जानकारी नहीं मिल पाई जिसके कारण एक से दुसरे अस्पताल भटकते रहे ।बाद उन्हें यह बताया गया कि उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने के कारण रायपुर मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया है। जब परिजन देर शाम मेकाहारा पहुंचे तो डॉक्टरो ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी हैउसे पोस्ट मार्टम के लिए ले जाया गया है । परिजनों का आरोप है कि सुनीता की मौत संयंत्र के अंदर ही हो चुकी थी बावजूद जबरदस्ती उसे उपचार के बहाने तिल्दा भेज दिया गया ।फिर वहां से उसे रायपुर रेफर किया गया।

इस तरह महिला को जिन्दा बताकर उपचार क्रे बहाने उसके शव को पहले तिल्दा फिर रायपुर घुमाया जाता रहा और महिला के परिजन इधर उधर भटकते रहे। प्लांट प्रबंधन के द्वारा झूठी जानकारी दिए जाने से महिला के परिजन आक्रोशित हो गए, और भीम आर्मी के पदाधिकारी के साथ प्लांट पहुंच शव को लेकर धरने में बैठ गएऔर महिला की मौत की जांच के साथ मुआवजा और उसके परिजन को नौकरी देने की मांग कर प्रबंधन के विरोध में नारेबाजी करने लगे। पूरी रात महिला का शव के साथ बैथे रहे । इस बीच संयंत्र मैं ठेकेदारी करने वाले कुछ लोग वहां पहुंच गए और परिजनों को 2 लाख दिलानेकी बात कहकर धरना समाप्त करने दबाव बनाते रहर लेकिन धरने पर बैठे परिजनों भीम आर्मी के सदस्यों ने  उनकी बात को अनसुना कर अपनी मांग पर अड़े रहे।इस दौरान प्रबंधन के कुछ लोग क्षेत्र के दलाल नुमा नेतांओ को लेकर दबाव बनाते रहे जब किसी की नहीं चली तब सुबह 5 बजे प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौता हुआ। परिजनों के बताए अनुसार उन्हें 11 लाख का चेक मुआवजा राशी के रूप में दिया गया है साथ ही अतिम संस्कार के लिए 50 हजार नकद दिया गया, और घर के एक सदस्य को नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है की फैक्ट्री में अत्यधिक प्रदूषण है और बिना सेफ्टी उपकरणों से मजदूरों से काम कराया जाता है। जिससे आसपास के इलाके में गंभीर बीमारियां फैल रही है। आरोप है कि महिला की डियूटी के वक्त प्रदूषण के कारण ही हालत बिगड़ी थी. ग्रामीणों ने प्रबंधन पर सड़क किनारे लगे पेड़ पौधों को नष्ट करने का भी आरोप लगाया है ऐसे श्री नाकोड़ा पाइप इंपैक्स प्राइवेट लिमिटेड शुरू से ही विवादों में रहा है।हालांकि प्रबंधन हमेशा की तरह इस बार भी वही बात कह रहा है कि यहां सभी मजदूरों को सेफ्टी की पूरी सुविधा दी जाती है। प्रबंधन का कहना है कि सुनीता की मौत अचानक तबियत बिगड़ने के बाद सामान्य रूप से हुई है।

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