रायपुर।
छत्तीसगढ़ नान घोटाला केस में आरोपी रिटायर्ड आलोक शुक्ला ने रायपुर की ED स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया है। आज शुक्रवार को वे सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के साथ कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने ED को इसकी सूचना दी है। ED के वकील केस डायरी लेकर कोर्ट पहुंचेंगे। अगर ED आलोक शुक्ला को कस्टोडियल रिमांड पर नहीं लेगी तो, कोर्ट आलोक शुक्ला को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजेगा।
आलोक शुक्ला गुरुवार को भी कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन कोर्ट ने सरेंडर कराने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर अपलोड नहीं हुआ है। सरेंडर नहीं करा सकते हैं। इसके बाद आलोक शुक्ला वापस लौट गए थे।
बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी दैनिक भास्कर से बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वह ED कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर आया नहीं है, जब ऑर्डर आ जाएगा तो आप ऑर्डर के साथ आइए। सुप्रीम कोर्ट ने 2 हफ्ते कस्टोडियल और ज्यूडिशियल रिमांड के आदेश दिए हैं।
दरअसल, नान घोटाला केस में रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन ED ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। ED ने कोर्ट में बताया कि आरोपियों ने 2015 में दर्ज नान घोटाला मामले और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। हमारी जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने सुनवाई के बाद हाईकोर्ट से आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को मिली अग्रिम जमानत को रद्द कर दी। कोर्ट ने ED की कस्टडी के लिए आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि पहले 2 हफ्ते ED की हिरासत और उसके बाद 2 हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहना होगा। इसके बाद ही उन्हें जमानत मिल सकेगी।

